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145 न्यायालयीन प्रकरणों का हुआ निराकरण

Mukesh Yadav

Publish: Sep 15, 2019 20:04 PM | Updated: Sep 15, 2019 20:04 PM

Balaghat

नेशनल लोक अदालत

बालाघाट. कार्यपालक अध्यक्ष राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली एवं कार्यपालक अध्यक्ष मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार विभिन्न प्रकृति के विवादों के निराकरण हेतु 14 सितंबर को जिला न्यायालय परिसर बालाघाट में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेन्द्र प्रसाद गुप्त द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलन करते हुए इस लोक अदालत का शुभारंभ किया गया। नेशनल लोक अदालत में 397 प्रिलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण हुआ। जिसमें राशि 2742431 रुपए शासन को वसूली के रूप में प्राप्त हुई। इसके साथ ही न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में से मोटर दुर्घटना दावा के 23 निराकृत प्रकरण में राशि 6528000 रुपए के अवार्ड पारित किए गए तथा 44 दांडिक प्रकरण, वैवाहिक 07 प्रकरण, चेक बाउंस के 34 प्रकरण, जिसमें राशि 3704315 रुपए, व्यवहार वाद 11, विद्युत प्रकरण 14 तथा 12 अन्य प्रकरणोंं का निराकरण आपसी राजीनामा के आधार पर किया गया। इस प्रकार कुल 145 प्रकरणों का निराकरण हुआ। जिसमें समझौता राशि 14207367 रुपए के आवार्ड पारित हुए। जिनके माध्यम से कुल 382 व्यक्ति लाभांवित हुए हैं।
कुटुंब न्यायालय में विचाराधीन पारिवारिक विवाद के दो प्रकरणों में भी आपसी राजीनामा संपन्न हुआ है। जिसमें जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेन्द्र प्रसाद गुप्त एवं उमेश गुप्ता, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय द्वारा पति-पत्नी को दी गई समझाईश के फलस्वरूप दोनों पक्ष गिले-शिकवे भुलाकर साथ-साथ रहने का संकल्प कर साथ रहने हेतु हंसी-खुशी रवाना हुए। मध्यस्थता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें पति-पत्नी के झगड़े को जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा सुलह समझाईश देकर निराकरण किया गया। जिसमें सभी न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी व अधिवक्तागण का सहयोग रहा।