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सुषमा ने लगाए सीकर की बेटी भानुप्रिया के सपनों को पंख

Ramakant Dadhich

Publish: Aug 08, 2019 07:30 AM | Updated: Aug 07, 2019 23:51 PM

Bagru

प्रदेश के लोगों के साथ भी सुषमा स्वराज की भावनाएं जुड़ी हुई थी। यहां से कोई भी चले जाओ उनको कार्य के लिए मना नहीं करती थीं।

मूंडरू. प्रदेश के लोगों के साथ भी सुषमा स्वराज की भावनाएं जुड़ी हुई थी। यहां से कोई भी चले जाओ उनको कार्य के लिए मना नहीं करती थीं। ऐसी ही एक घटना है जब उनके हस्तक्षेप से क्षेत्र की एक बेटी अमेरिका में उच्च शिक्षा हासिल कर पाई। जानकारी अनुसार सीकर जिले के गांव जलालपुर निवासी भानुप्रिया को वर्ष 2015 में राजस्थान बोर्ड की 10वीं के परीक्षा परिणाम में स्टेट मेरिट में दूसरा स्थान मिला। इसी दौरान स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए विदेश अध्ययन योजना के तहत भानुप्रिया का चयन हो गया। विदेश अध्ययन के लिए चार साल में एक करोड़ की स्कॉलरशिप भी मिली। इसके लिए भानुप्रिया ने अमेरिका की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की प्रवेश परीक्षा पास कर ली।
15 नवंबर 2017 को भानुप्रिया को कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में बीएस इन कम्प्यूटर साइंस कोर्स के लिए प्रवेश मिल गया। विदेश में अध्ययन के लिए अमेरिका दूतावास में 4 दिसंबर व 13 दिसम्बर को वीजा के लिए आवेदन किया, लेकिन वीजा जारी नहीं किया गया। इस पर भानुप्रिया के पिता दिल्ली में सांसद सुमेधानंद से मिले। 19 दिसंबर 2017 को सांसद ने तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिलकर भानुप्रिया की समस्या बताई। इस पर उन्होंने मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर वीजा जारी करवाया। तब जाकर भानुप्रिया का अमेरिका की यूनिवर्सिटी में पढऩे का सपना पूरा हो सका।
भानुप्रिया ने सुषमा स्वराज के निधन पर शोक प्रकट किया है। भानुप्रिया इन दिनों अपने गांव जमालपुर आई हुई है । पिता सोहनलाल शर्मा का कहना है कि जैसे ही भानुप्रिया ने सुषमा स्वराज के निधन का समाचार सुना तो उसकी आंखों में आसूं बह निकलेे। निधन का समाचार सुनकर वह स्तब्ध रह गई। उसने केवल इतना बोला कि मेरे सपनों को पंख देने वाली सुषमा जी के निधन से मुझे बहुत खेद है।

- स्वराज के हस्तक्षेप के बाद मिला अमरीकी वीजा

- जमालपुर की बेटी ने सुनाया वाकया

-प्रदेश से स्कॉलरशिप पर पढ़ाई को गई थीं भानुप्रिया