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Ramgarh Dam: किरोड़ी की 'क्लास' में प्रशासन को देने पड़े जबाव, मानना पड़ा अतिक्रमण

Teekam Saini

Publish: Oct 21, 2019 21:05 PM | Updated: Oct 21, 2019 21:05 PM

Bagru

MP Kirodi Mahapanchayat in Jamwaramgarh.... राज्यसभा सांसद किरोड़ी की जमवारामगढ़ में महापंचायत, शंख बजाकर किया आंदोलन का शंखनाद, एडीएम को मुख्य मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

बस्सी/जमवारामगढ़ (Ramgarh Dam) . प्रसिद्ध रामगढ़ बांध (Ramgarh Dam) में पानी लाने का मुद्दा राजनीति के रास्ते फिर जोर पकड़ रहा है। इसके लिए सोमवार को राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने महापंचायत (Mahapanchayat) बुलाई। कस्बे से गुजर रहे स्टेट हाइवे स्थित उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर आयोजित इस महापंचायत (Mahapanchayat) में आंदोलन का शंखनाद किया गया। आंदोलन, बांध (Ramgarh Dam) में चंबल और यमुना नदी का पानी लाने के साथ इसके बहाव क्षेत्र से प्रभावी लोगों के अतिक्रमण (Encroachment) हटाने के लिए। इसके लिए किरोड़ी ने प्रशासन के जिम्मेदारों को मंच पर बुला लिया। स्थानीय एसडीएम के साथ जेडीए, वन विभाग, खनिज सहित कई विभागों के अधिकारियों के बाद एडीएम को मंच पर तलब किया। सवाल किए और भीड़ के सामने जवाब लिए। अतिक्रमण (Encroachment) पर कार्यवाही की समय सीमा तय करवाई। फिर जयपुर सांसद रामचरण बोहरा सहित कई जनप्रतिनिधियों से एडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिलवाया।
... वरना चैन की नींद नहीं सोने दूंगा
आंदोलन के अगुवा डॉ. किरोडी ने कहा कि राज्य सरकार जब तक रामगढ़ बांध (Ramgarh Dam) में पानी नहीं लाएगी, तब तक मैं सरकार को चैन की नींद नहीं सोने दूंगा। रामगढ़ बांध (Ramgarh Dam) में पानी लाने के लिए लम्बी लड़ाई लडऩी पड़ेगी। उन्होंने कहां कि यह कि सी राजनीतिक दल का मंच नहीं है। मंच पर रामगढ़ बांध (Ramgarh Dam) है। जनता की ताकत सबसे बड़ी ताकत है। इसके सामने सरकार की ताकत फीकी है।
मनोरंजक और तीखा अंदाज
किरोड़ी ने तीखे और मनोरंजक अंदाज में राज्य सरकार पर निशाना साधा। सरकार से दो पत्र तैयार कर केन्द्र सरकार को भेजने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को मंजूरी के लिए केंद्र को पत्र लिखे। साथ ही चम्बल से पानी लाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार का सहमति पत्र केंद्र सरकार को भिजवाए। डॉ. किरोडी ने राज्य सरकार को चेताया कि सरकार परियोजना की 40 प्रतिशत हिस्सा राशि देने की सहमति भी केंद्र सरकार को भेजे। इसके बाद केन्द्र से परियोजना को पास करवाने की जिम्मेदारी जयपुर सांसद बोहरा, ग्रामीण सांसद राज्यवर्धन सिंह और मेरी है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि पूर्व की सरकार ने रामगढ़ बांध (Ramgarh Dam) में जमुना का पानी लाने के लिए 37000 करोड़ रुपए का प्रस्ताव तैयार कर केन्द्र को भेजा था, मौजूदा सरकार को उस पर फिर से काम करना चाहिए।
राष्ट्रीय परियोजना घोषित क्यों नहीं
डॉ. किरोडी ने पूर्वी राजस्थान परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने के लिए केंद्र सरकार से अब तक राज्य सरकार द्वारा मांग नहीं करने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि यह राष्ट्रीय परियोजना घोषित होती है, तो राज्य को मात्र दस प्रतिशत हिस्सा राशि ही देनी होगी। उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार राजी से नहीं मानेगी तो जनता के समर्थन से मैदान पर संघर्ष किया जाएगा। इसका सभा (Mahapanchayat) में मौजूद जन समूह ने समर्थन किया। उन्होंने जनता से अहिंसात्मक और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने का आह्वान किया।
रसूखदारों ने बनाए फार्महाउस और रिसोर्ट
जयपुर शहर सांसद रामचरण बोहरा ने कहा कि रामगढ़ बांध (Ramgarh Dam) के बहाव क्षेत्र में रसूखदारों ने फार्महाउस, रिसोर्ट और बड़े बड़े निर्माण (Encroachment) कर पानी रोक रखा है। बोहरा ने कहा कि डॉ. किरोडी लाल आंदोलन के अगुवा हैं। अब सरकार की नाक में नकेल डालकर रामगढ़ बांध (Ramgarh Dam) में पानी लाने का काम किया जाएगा। चौमूं विधायक और भाजपा जयपुर देहात उत्तर अध्यक्ष रामलाल शर्मा ने रामगढ़ बांध (Ramgarh Dam) में पानी लाने का मामला विधानसभा में उठाने का भरोसा दिलाया। विधानसभा में चौमूं से पहले में रामगढ़ बांध (Ramgarh Dam) में पानी की मांग उठाऊंगा।
यह रहे मौजूद
सभा को (Mahapanchayat) राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा, पूर्व विधायक जगदीश मीना, भाजपा नेता महेंद्रपाल मीना, भाजपा प्रवक्ता पंकज मीना, पूर्व विधायक फूलचंद भिंडा, भाजपा जयपुर देहात प्रवक्ता मनोज पंचोली, मोहन लाल मीना सरपंच नायला, पूर्व प्रधान रघुवीर सिंह चौधरी, जन समस्या निवारण मंच अध्यक्ष सूरज सोनी, नगर निगम पार्षद विक्रम सिंह तंवर सहित हजारों की संख्या में क्षेत्र के किसानों एवं युवाओं तथा महिलाओं ने भाग लिया। मंच संचालन जगदीश नोनपुरा ने किया। साथ ही जमवारामगढ़ बांध बचाओ संघर्ष समिति में शामिल महेन्द्रपाल, जितेन्द्र शर्मा, दीपक पटेल भी मौजूद रहे।