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jaipur Discom कहीं लग ना जाए जोर का झटका

Dinesh prashad Sharma

Publish: Sep 10, 2019 22:59 PM | Updated: Sep 10, 2019 22:59 PM

Bagru

jaipur Discom कहीं लग ना जाए जोर का झटका

लापरवाही से टूट ना जाए सांसों की डोर

 

जयपुर चौमूं.गोविन्दगढ़ जयपुर डिस्कॉम jaipur Discom ने विद्युत जनित हादसे रोकने के लिए एक और जहां फीडर इंजार्च से लेकर अधिक्षण अभियंता स्तर के अधिकारी को जिम्मेदारी दी है। साथ ही लाइन की तकनीकी कमी या लापरवाही से होने वाले हादसों के लिए फीडर इंचार्ज से लेकर अधिक्षण अभियंता स्तर को जिम्मेदार मामने के आदेश जारी किए हैं, जिससे विद्युत जनित हादसों को रोका जा सके, लेकिन फिर भी जिम्मेदारों की लापरवाही के नमूने ग्रामीण अंचल में नजर आ रहे है। जिम्मेदारों की यही लापरवाही कभी किसी की सांसों की डोर ना तोड़ दे, यही डर सताता रहता है।
गोविन्दगढ़ व खेजरोली सब डिविजन में बड़ी संख्या में पेड़ों की शाखाओं से विद्युत लाइन गुजर रही है तो कई स्थानों पर मकानों के ऊपर से विद्युत लाइन गुजर रही है। कस्बे सहित आस पास के क्षेत्र में विद्युत की एलटी एवं हाइटेंशन लाइन के तार पेडों की शाखाओं से गुजर रहे हैं, लेकिन फिर भी विद्युत निगम के अधिकारी इस और ध्यान नहीं दे रहे हैं। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। खेतों मेे पेड़ों से गुजर रही लाइनों के कारण कई 1बार करंट के झटके लगने की शिकायत ग्रामीणों द्वारा निगम को की जाती है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है।

मेंटिनेशन के नाम पर घंटों कटौती
सूत्रों के अनुसार विद्युत निगम विद्युत लाइनों की मरम्मत आवश्यक रखरखाव के लिए हर सप्ताह कई घंटों का शटडाउन लेता है, लेकिन कार्मिकों की लापरवाही के कारण लाइनों का मरम्मत कार्य सही तरीके से नहीं हो पाता है। ऐसे में सड़कों के सहारे गुजरने व खेतों से गुजरने वाली हाइटेंशन लाइन व एलटी लाइन के तार पेड़ों की शाखाओं से गुजरते हुए आसानी से नजर आ जाते हैं। बारिश के दिनों में खेतों में कार्य करने के दौरान किसानों को पेड़ों के आस-पास कई बार कंरट के झटके भी लग जाते हैं। धोबलाई से सिंगोद खुर्द जा रही सड़क किनारे एक पेड़ की शाखा को छू रही हाइटेंशन लाइन के कारण राज्य वृक्ष खेजड़ी का आधा पेड़ करंट के कारण जल गया। स्थानीय किसानों ने बताया कि कई बार निगम के अधिकारियों को सूचना दी है, लेकिन निगम के कर्मचारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं।

बारिश के दिनों में दौड़ सकता है करंट
जानकारों की माने तो सूखी लकड़ी में विद्युत प्रवाह नहीं होता है, लेकिन बारिश के दिनों में सूखी लकडी भीग जाती है तथा पेड़ के छूकर जा रही विद्युत लाइन ११ केवी की लाईन है। ऐसे में पेड़ के बारिश में भीग जाने से करंट जमीन मेे दौड़ सकता है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

मकानों के ऊपर से गुजर रही है विद्युत लाईन

कस्बे सहित आस पास के क्षेत्र में कई स्थानों पर विद्युत की हाईटेंशन लाईन के तार मकानों के ऊपर तो कही समीप से गुजर रहे हैं। बारिश के दिनों एवं हवा में नमी होने के कारण कई बार हवाई कंरट के कारण भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन इस और विद्युत निगम के कर्मचारी ध्यान नहीं दे रहे हैं, जबकि ग्रामीण विद्युत लाइन के शिफ्ट होने के चक्कर में लाइनों के समीप व नीचे मकान बना रहे हैं। लाइन शिफ्ट के भारी भरकम चार्ज के कारण विद्युत लाइन तो नहीं हट रही लेकिन हाईटेंशन लाइनों के नीचे व आसपास मकान बनाने वाले अपनी जान जरूर संकट में डाल रहे हैं।

खेतों में झूल रही हैं लाइन
फीडर सुधार के तहत विद्युत निगम ने मोटी राशि खर्च कर वाही-वाही लूट ली गई है, लेकिन अभी भी कई जगहों पर खेतों में हाईटेंशन व एलटी लाइन के तार एक पोल से गुजरते हुए व झुलते हुए नजर आ जाते हैं। एक पोल से गुजर रही हाइटेंशन व एलटी लाईन व झुलती लाइन के कारण कई बार हादसे हो चुके है । लेकिन फिर भी जिम्मेदार इस और ध्यान नहीं दे रहे है । (निसं.)

इनका कहना है
संबंधित लाइनमैन से जानकारी कर विद्युत लाइनों से टच हो रही टहनियों को कटवाया जाएगा। विद्युत लाइन के नीचे ग्रामीण अतिक्रमण कर मकान बना लेते हैं । जानकारी मिलने पर संबंधित स्थानिय प्रशासन व मकान मालिक को नोटिस दिया जाता है। निर्माण को रूकवाना स्थानिय प्रशासन की जिम्मेदारी होती है।

तेज सिंह, सहायक अभियंता, विद्युत निगम गोविन्दगढ़