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टीम पहुंची तो लोगों में मच गया हड़कम्प... मीटर से छेड़छाड़ कर चुरा रहे थे बिजली

Narottam Sharma

Publish: Sep 14, 2019 20:26 PM | Updated: Sep 14, 2019 20:26 PM

Bagru

Jaipur Electricity Distribution Corporation :— विद्युत निगम की टीम ने आधा दर्जन गांवों में विद्युत चोरी के 26 मामले (26 cases of electrical theft caught) पकड़े। लोग मीटरों से छेड़छाड़ कर कर रहे थे बिजली चोरी। टीम ने दबिश देकर लोगों को रंगेहाथ पकड़ा। तीन लाख का जुर्माना (Fined three lakhs) भी किया।

जयपुर. बिजली चोरी व छीजत अभी भी विद्युत निगम के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। काफी प्रयासों के बाद भी इस पर रोक नहीं लग पा रही है। हालांकि विद्युत निगम (Jaipur Electricity Distribution Corporation) इसके लिए भरसर प्रयास करता और समय-समय पर जांच भी की जाती है। बाकायदा इसके लिए अलग से विजिलेंस विंग बनी हुई है फिर भी लोग बिजली चोरी से बाज नहीं आ रहे हैं। विद्युत वितरण निगम के सहायक अभियंता जोबनेर मोहन पूनिया के नेतृत्व में टीम ने शनिवार को जोबनेर, कालवाड़ क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में दबिश देकर मीटरों से छेड़छाड़ (Tampering with meters) कर बिजली चोरी के 26 मामले पकड़े हैं।

लोगों में मचा हड़कम्प

सिंगल फेस बिजली चोरी करने के मामले पकडऩे से बिजली चोरी करने वालों में हड़कंप मच गया। जोबनेर सहायक अभियंता मोहन पूनिया ने बताया कि जेईएन हरलाल सिंह बूरी, उमेश कुमार यादव की टीम ने मुरलीपुरा, चिरनोटिया, कालख, करणसर व बांसड़ी आदि गांवों में दबिश देकर सिंगल फेस उपभोक्ताओं द्वारा मीटरों में छेड़छाड़ कर बिजली चोरी करने के मामले पकड़े हैं। बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ 3 लाख का जुर्माना भी किया गया है।

आधुनिक हुई विद्युत चोरी
बदलते समय के साथ-साथ लोग अब विद्युत चोरी के भी आधुनिक तरीके अपनाने लग गए हैं। कई स्थानों पर रिमोर्ट से तो कई स्थानों पर इलेक्ट्रिक कंट्रोल डिवाइस के जरिए विद्युत चोरी (Electrical theft through electric control device) के मामले सामने आते रहते हैं। इसका ताजा उदाहरण हाल ही में करौली (Karoli) जिले के हिण्डौनसिटी (Hindone city) में देखने को मिला था। वहां कुछ मामले एेसे सामने आए थे जहां लोग इलेक्ट्रिक कंट्रोल डिवाइस से बिजली चोरी कर रहे थे।

ये बरती जा सकती है सावधानी
- विद्युत निगम को इसके लिए अलग से सेल बनानी चाहिए।
- सेल से जुड़े लोग प्रत्येक उपभोक्ता के माहवार विद्युत उपभोग की जानकारी रखें।
- माहवार विद्युत खर्च कम ज्यादा होने पर भौतिक सत्यापन होना चाहिए।
- डिफाल्टर उपभोक्ताओं (Default consumer) की अलग से सूची बनाई जाए।
- नियमित रूप से मॉनिटरिंग होनी चाहिए।
- संदिग्ध मीटरों की विशेष निगरानी रखी जानी चाहिए।
- आधुनिक संसाधनों का उपयोग होना चाहिए।
- इसके लिए विशेषज्ञों की मदद ली जा सकती है।