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झूलते खतरों से विद्युत निगम बन रहा अनजान

Ramakant Dadhich

Publish: Jul 17, 2019 23:32 PM | Updated: Jul 17, 2019 23:32 PM

Bagru

मुख्य बाजारों एवं सडक़ों के किनारे बिना सुरक्षा इंतजाम रखे विद्युत ट्रांसफार्मर तो कई स्थानों पर झूलते विद्युत तार

चौमूं. कहीं दुकानों के पास से गुजर रही 33 केवी विद्युत लाइन तो कहीं 33 केवी के नीचे 11 केवी और इसके निकट से गुजरती एलटी लाइन। मुख्य बाजारों एवं सडक़ों के किनारे बिना सुरक्षा इंतजाम रखे विद्युत ट्रांसफार्मर तो कई स्थानों पर झूलते विद्युत तार। विराटनगर में मंगलवार को हुए विद्युत हादसे के बाद पत्रिका ने चौमूं शहर में विद्युत संबंधी विद्युत लाइनों एवं ट्रांसफार्मरों की जांच पड़ताल की तो यह स्थिति आई सामने। जानकार सूत्रों के अनुसार वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 64417 लोगों की आबादी है, लेकिन यह आबादी बढक़र 80 हजार के पार गई होगी। शहर समेत ग्रामीण क्षेत्र में जयपुर विद्युत वितरण निगम की ओर से सहायक अभियंता प्रथम व द्वितीय के नाम से दो सहायक अभियंता कार्यालय खोले गए हुए हैं। सहायक अभियंता प्रथम के तहत आस-पास के कुछ गांव भी हैं। वहीं 26 हजार से अधिक विद्युत कनेक्शन हैं। विराटनगर की घटना के बाद पत्रिका संवाददाता ने शहरभर में जाकर हकीकत जानी तो न सिर्फ निगम प्रशासन की लापरवाही देखने को मिली। वहीं कुछ लोगों ने जान-बूझकर 11केवी से गुजर रही विद्युत लाइन के खंभों तक को शिफ्ट करवाए बिना ही दुकानों का निर्माण कर लिया, जिससे बारिश में करंट से अनहोनी की आशंका बनी हुई है।


मोरीजा रोड पर खतरा

मोरीजा रोड पुलिया के पास के दुकानदार सूरजमल गुलिया व अन्य ने बताया कि निगम ने कुछ समय पहले उनकी दुकानों के आगे तक भूमिगत 33 केवी की केबल को लाकर छोड़ दिया और यहां सिर्फ करीब 27 मीटर दूरी पर लगे 33 केवी टावर तक कम ऊंचाई का विद्युत खंभा लगाकर विद्युत लाइन खींच दी, जबकि निगम प्रशासन चाहता तो इस 27 मीटर की लाइन को भी भूमिगत करवा सकता था। इसके लिए दुकानदार नियमानुसार शिफ्टिंग चार्ज देने को तैयार भी हैं, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ, जिससे बारिश होने पर न सिर्फ चिंगारी उठती है, बल्कि करंट दौडऩे का खतरा बना रहता है। इस लाइन ऊंचाई दुकानों के सामने सिर्फ तीन-चार मीटर ही है।


कोई देखने वाला ही नहीं

सूत्रों के अनुसार श्रीराम कॉलोनी समेत कई स्थानों पर 33केवी विद्युत लाइन के नीचे से ही 11केवी एवं एलटी लाइन गुजारी हुई है। सूत्रों की मानें तो विद्युत निगम के मापदंडों के यह विपरीत है। इसके बावजूद निगम प्रशासन ने आंखें मूंद रखी हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। श्रीराम कॉलोनी में कई जगह एलटी लाइन के तार झूल रहे हैं। राधाबाग में तो एलटी लाइन ही चार मीटर ऊपर है।

विद्युत पोलों तक निर्माण
रावण गेट से चौपड़ तक 11 केवी लाइन एवं एलटी लाइन एक साथ गुजर रही है। खास बात ये है कि मुख्य बाजार से ये लाइनें गुजरने के कारण कभी भी यहां बड़ा हादसा घटित हो सकता है। नया बाजार में तो एक परिवार ने दुकानों के निर्माण के दौरान सडक़ किनारे लगे विद्युत पोल तक को टच करते हुए निर्माण करवा लिया। यही स्थिति मोरीजा रोड पर नवनिर्मित व्यापारिक प्रतिष्ठान के पास देखने को मिली। 33 व 11 केवी विद्युत लाइन गुजरने से बारिश में भी इन भवनों में करंट दौड़ सकता है, लेकिन किसी को परवाह नहीं है।

 

ट्रांसफार्मरों की नहीं सुरक्षा

मुख्य बस स्टैण्ड, बैंक ऑफ बडौदा के पास, मोरीजा रोड, नगरपालिका के पास, गणगौरी चौक, विद्युत निगम के एईएन कार्यालय प्रथम के सामने, संजय पार्क, विवेकानंद पार्क, चौमूं-चंदवाजी जीप स्टैण्ड समेत विभिन्न स्थानों पर ट्रांसफार्मर निर्धारित मापंदडों के अनुसार ऊंचाई पर नहीं रखे हैं तथा शहर में लगाए गए अधिकतर ट्रांसफार्मरों में सुरक्षा इंतजाम तक पूरे नहीं हैं। तारबंदी व फेंसिंग तक नहीं है, जिससे इनमें से निकलने वाले तारों से कई मवेशी काल का ग्रास बन चुके हैं। इसके बावजूद निगम के जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।