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आखिर ऐसा क्या हुआ कि महिला कर्मचारी घबराकर बोली... मुझे माफ कर दो

Narottam Sharma

Publish: Sep 13, 2019 07:00 AM | Updated: Sep 13, 2019 00:15 AM

Bagru

Kishangarh Renwal Municipality :— 800 रुपए की रिश्वत लेते पालिकाकर्मी गिरफ्तार। नामांतरण का प्रणाम पत्र देने की एवज में मांगी थी रिश्वत। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो Anti Corruption Bureau की टीम ने की कार्रवाई। साथी कर्मचारियों से भी की पांच घंटे पूछताछ।

रेनवाल. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो Anti Corruption Bureau (एसीबी) ने गुरुवार को किशनगढ़ रेनवाल नगर पालिका में एक महिलाकर्मी को 800 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। पकड़े जाते ही पालिकाकर्मी घबरा गई और एसीबी टीम से हाथ जोड़कर कहा कि मुझे माफ कर दो। महिलाकर्मी ने यह रिश्वत राशि नामांतरण का प्रमाण पत्र (Certificate of conversion) देने की एवज में मांगी थी।

ऐसे चला खेल
एसीबी के सीआई हेमंत वर्मा ने बताया कि कांकरा निवासी अमरचन्द खींची ने 6 सितम्बर को एसीबी कार्यालय में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसने पट्टे का नामांतरण खोलने के लिए रेनवाल नगर पालिका में आवेदन किया था। जहां महिला कर्मचारी संतारा देवी ने नामांतरण खुलने के बाद प्रमाण पत्र देने की एवज में परिवादी से 1000 रुपए रिश्वत की मांग की।

ऐसे बिछाया जाल
अमरचंद की शिकायत पर एसीबी ने ट्रेप (ACB Trap) के लिए जाल बिछाया। गुरुवार को परिवादी अमरचंद नगरपालिका में नामांतरण का प्रमाण पत्र लेने के लिए गया। जहां संतरा देवी जाट ने फिर उससे एक हजार रुपए की मांग की। इस पर अमरचंद ने 200—200 के पांच नोट उसे दे दिए। महिलाकर्मी ने 800 रुपए रखकर 200 रुपए वापस अमरचंद को दे दिए। इधर, अमरचंद के बाहर निकलते ही एसीबी ने छापा मारकर संतरा को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

अन्य कर्मचारियों से भी की पूछताछ
रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद महिलाकर्मी संतरा देवी के बाद एसीबी ने संदेह के आधार पर पालिका के अन्य कर्मचारियों से भी पांच घंटे तक पूछताछ की। इसके बाद एसीबी की टीम महिला को गिरफ्तार (arrested) कर जयपुर ले आई।