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अखिलेश यादव के संसदीय क्षेत्र में कभी भी गुल हो सकती है बिजली, यह है वजह

Akhilesh Kumar Tripathi

Publish: Nov 18, 2019 17:21 PM | Updated: Nov 18, 2019 17:21 PM

Azamgarh

कहा- अगर सरकार ठोस आश्वासन नहीं देती है तो कर्मचारी आंदोलन को और तेज करेंगे।

आजमगढ़. पूर्व सीएम अखिलेश यादव के संसदीय जिले में रहने वाली 50 लाख आबादी कभी भी अंधेरे में डूब सकती है। अधिकारियों के कार्यालय से लेकर विद्युत वितरण केंद्र तक में कर्मचारियों ने ताला जड़ दिया है। यह ताला तभी खुलेगा जब सरकार यह आश्वस्त करेगी कि उनका पीएफ का पैसा उनके खाते में पहुंचेगा। अगर सरकार ठोस आश्वासन नहीं देती है तो कर्मचारी आंदोलन को और तेज करेंगे। कर्मचारियों ने घोषणा की है कि अगर आंदोलन के दौरान बिजली ट्रिप होती है अथवा कहीं भी किसी तरह का फॉल्ट आता है तो वे मरम्मत नहीं करेंगे। कर्मचारियों के इस फैसले से कभी भी जिले की बिजली गुल होने का खतरा बना हुआ है।

बता दें कि उत्तर प्रदेश पॉवर कॉर्पोरेशन लिमिटेड में हुए पीएफ घोटाले को लेकर अधिकारी कर्मचारियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। कर्मचारी इसे सरकार की नाकामी और कर्मचारियों के साथ धोखा मान रहे हैं। कर्मचारियों को डर है कि उनका पीएफ का करोड़ों रूपये डूब जाएगा। अपने भविष्य को खतरे में देख कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए हैं। जिले के विद्युत कर्मियों ने सोमवार को कामकाज ठप कर हाइडिल में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अधीक्षण अभियंता से लेकर अधिसाशी अभियंता और ट्रांसमिशन सहित सभी कार्यालयों में ताला बंद रहा। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

अधीक्षण अभियंता अरूण कुमार ने कहा कि हम अपने भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दे सकते हैं। जब तक सरकार ठोस आश्वासन नहीं देती कि हमारा पीएफ का पैसा सुरक्षित है हम आंदोलन बंद नहीं करने वाले है। आंदोलन के दौरान कोई काम नहीं होगा। यहां तक कि अगर कहीं कोई फॉल्ट आता है, यह अन्य कारणों से बिजली ट्रिप करती है तो उसे ठीक नहीं किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर दो दिन बाद आंदोलन को और आगे बढ़ाते हुए तेज किया जाएगा।

BY- RANVIJAY SINGH

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