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वरासत में हीलाहवाली करने पर लेखपाल को प्रतिकूल प्रविष्टि

Devesh Singh

Publish: Aug 16, 2019 19:06 PM | Updated: Aug 16, 2019 19:06 PM

Azamgarh

तत्काल दूरस्थ क्षेत्र में स्थानान्तरित करने का दिया निर्देश

रिपोर्ट:-रणविजय सिंह

आज़मगढ़। लेखपाल द्वारा वरासत में हीलाहवाली करने तथा वारिसों को अनावश्यक रूप से परेशान करने के मामले में मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने लेखपाल को प्रतिकूल प्रविष्टि देने तथा दूरस्थ क्षेत्र में स्थानान्तरित करने का निर्देश दिया।
शहर के बदरका मुहल्ला निवासी उत्कर्ष अग्रवाल ने शुक्रवार को जन सुनवाई के दौरान मण्डलायुक्त को अवगत कराया कि उनके पिता संजय कुमार अग्रवाल ने तहसील सदर के परगना निजमाबाद अन्तर्गत चकखैरुलाह में खाता संख्या 97 के गाटा संख्या 217 रकबा 0.433 एयर में से 0.072 एयर बैनामा कराया था, जिसका नामान्तरण आदेश भी पारित हो चुका है। उनके पिता की मृत्यु गत जनवरी माह में हो चुकी है तथा वारिसों में शिकायतकर्ता की माता रूचि अग्रवाल एवं बहन अंशिका अग्रवाल हैं। वरासत के सम्बन्ध में बार-बार सम्बन्धित लेखपाल रामानुज श्रीवास्तव से सम्पर्क किया गया, किन्तु लेखपाल द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गयी।

पीड़ित द्वारा बताया गया कि लेखपाल से उन्होंने कई बार संपर्क लिया लिखित सूचना दी इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गयी। न ही वरासत न किये जाने का कोई औचित्यपूर्ण कारण ही बताया जा रहा है, केवल अनाश्यक रूप से बार-बार दौड़ाया जा रहा है। मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने शिकायतकर्ता द्वारा की गयी शिकायत एवं उसके सम्बन्ध में प्रस्तुत किये गये साक्ष्यों की जांच के बाद लेखपाल को वारिशों को अनावश्यक परेशान करने का दोषी पाया गया। उन्होंने उपजिलाधिकारी सदर को भी अपने कार्यालय में तलब किया तथा इस सम्बन्ध में पूछताछ की। इस दौरान सम्बन्धित लेखपाल द्वारा वरासत काफी लम्बे समय तक लम्बित रखने का कोई औचित्यपूर्ण तर्क नहीं दिया गया। इस पर मण्डलायुक्त ने सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए सम्बन्धित लेखपाल को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही तत्काल दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र में स्थानान्तरित करने का निर्देश दिया। एसडीएम को एक सप्ताह में वरासत का कार्य पूर्ण कराकर अवगत कराने को कहा।