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मेडिकल कालेज के छात्र व प्रशासन में विवाद

Ashish Kumar Shukla

Publish: Oct 18, 2019 20:39 PM | Updated: Oct 18, 2019 20:39 PM

Azamgarh

डीएम ने मामले को संज्ञान में लेते हुए दिया जांच का निर्देश

आजमगढ़. सुपर फैशिलिटी अस्पताल एवं राजकीय मेडिकल कालेज चक्रपानपुर में अस्थायी रूप से बंद किये गए एक गेट को खोलने को लेकर छात्र नेता और कालेज प्रशासन में ठन गयी है। कालेज प्रशासन सुरक्षा को हवाला देते हुए गेट खोलने को तैयार नहीं है जबकि छात्र गेट खोलवाने की जिद पर अड़े है। मामला संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद सिंह ने सीओ सदर अकमल खां को जांच का निर्देश दिया है। प्रशासन बीच का रास्ता निकालने का प्रयास कर रहा है।

वहीं दूसरी तरफ छात्र नेता व आस-पास लोग गेट खोलवाने को लेकर अडिग हैं। प्राचार्य भी दूसरा गेट पूरी तरह से न खोलने की बात कह रहे हैं। इसे लेकर मामला धीरे-धीरे तूल पकड़ता जा रहा है। छात्र नेता और प्राचार्य के बीच तनातनी बरकरार है। प्राचार्य को धमकी भी दी जा रही है। वैसे प्राचार्य ने पूरे मामले से शासन को भी अवगत करा दिया है।
बता दें कि सुपर फैशिलिटी अस्पताल एवं राजकीय मेडिकल कालेज चक्रपानपुर ंमें दो बड़े गेट बनाए गए हैं। पहले दोनों गेट खुलते थे लेकिन कुछ दिनों से दूसरा गेट बंद कर दिया गया है। दूसरा गेट चक्रपानपुर चैराहे से आधा किलोमीटर दूर दक्षिण तरफ है। इसी गेट को लेकर विवाद हैं। कालेज प्रशासन इस गेट को बंद करवा दिया है।

यहां के लोगों व छात्र नेताओं का कहना है कि यह गेट बंद रहने से आधा किलोमीटर दूर जाकर अस्पताल में प्रवेश करना पड़ता है। ऐसे में यह गेट खुल जाता तो अस्पताल की दूरी कम हो जाती। छात्रों का कहना है कि सेना भर्ती की तैयारी को लेकर इस परिसर में छात्र प्रैक्टिस करते हैं। कालेज प्रशासन ने इस गेट को बंद कर दिया है। इससे तमाम दिक्कतें हो रही है। वहीं कालेज प्रशासन का कहना है कि गेट के खुलने से अस्पताल सुरक्षित नहीं है। प्राचार्य डा. आरपी शर्मा का कहना है कि अस्पताल परिसर में छात्राएं हॉस्टल में रहती हैं। इसके अलावा चोरी भी होती है। दूसरा गेट खोल देने से इसकी सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो जाएगा। प्रशासन अपनी जिम्मेदारी पर गेट खोलवा दे, उन्हें कोई एतराज नहीं है। प्रशासन गेट खोलवाएगा तो सुरक्षा की जिम्मेदारी उनकी होगी।