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आजमगढ़ महोत्सव: पूर्वांचल के संस्कृति और सभ्यता का होगा संगम, पहली बार दिखेगा विदेशी भोजपुरी बैंड

Akhilesh Kumar Tripathi

Publish: Dec 06, 2019 12:31 PM | Updated: Dec 06, 2019 12:31 PM

Azamgarh

  • 07 से 18 दिसंबर तक चलने वाले महोत्सव का लोगो, ब्रोसर व थीम सांग हुआ जारी
  • आजमगढ़ के ही मनोज यादव ने लिखा है थीम सांग, पूर्व में आईसीसी वर्ल्ड कप का दे चुके हैं थीम सांग

 

आजमगढ़. इस बार आजमगढ़ महोत्सव खास होने वाला है। महोत्सव का आगाज 07 दिसंबर को होगा और 18 दिसंबर तक चलेगा। पहली बार महोत्सव तहसील स्तर पर आयोजित हो रहा है। महोत्सव में आजमगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे पूर्वांचल की संस्कृति, सभ्यता, लोककलाओं का संगम देखने को मिलेगा। महोत्सव का लोगो, ब्रोसर, थीम सांग जारी कर दिया गया है। थीम सांग लिखा है आजमगढ़ के ही मनोेज यादव ने जो आईसीसी वल्र्डकप के लिए थीम सांग लिख चुके है। उनका थीम सांग दे घुमा के काफी प्रसिद्ध हुआ था।

आजमगढ़ महोत्सव का थीम सांग ये साधना की माटी है ये सर्जना की धरती है काफी चर्चा में है। यही नही महोत्सव का आकर्षण बढ़ाएगा विदेशी भोजपुरी बैंड। वहीं इस बार महोत्सव में स्थानीय उत्पादों को भी जगह दी गयी है। माना जा रहा है कि इससे पाटरी और मुबारकपुर के साड़ी कारोबाार को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।


डीएम ने बताया कि मनोज यादव ने थीम सांग एआर रहमान की म्यूजिशियन टीम, पाथ्र्व गायक के सहयोग से बनाया है। महोत्सव का लोगो साधना, सर्जना, संघर्ष, शिल्प, साॅझी-संस्कृति का प्रतिबिम्ब है। इस लोगो में चर्च, मंदिर, मस्जिद, गुरूद्वारा, निजामाबाद की ब्लैक पाटरी, मुबाकरपुर की साड़ी, हरिहर घराना का तबला, वीणा तथा तमसा नदी को आदि को शामिल किया गया है।

महोत्सव में हमारे पुराने स्थानीय लोकनृत्य में धोबिया नृत्य, कहरवा, जाॅघियाॅ, कजरी, चैता, पवरिया, फाग, पचरा, नात तथा खेल में मलखम्ब जैसी विलुप्त हो रही विधा का प्रदर्शन कर इसे फिर से जीवंत करने का प्रयास होगा। महोत्सव में जनपद स्तर पर समूह नृत्य, समूह गायन, खेल, खादी फैशन शो, वृद्धजन उत्सव, दिव्यांग शो, डाॅग शो, मिसेज आजमगढ़ व फैन्सी ड्रेस, हेल्दी बेबी शो, मिनी मैराथन, साहित्यिक गोष्ठी, प्लान्ट शो, फिश एक्यूरियम, ड्रामा कम्पटिशन, नौका दौड़, रिक्शा दौड़, ट्राईसाइकिल दौड़, युथ पार्लियामेन्ट, कवि सम्मेलन एवं मुशायरा आदि कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।


इस महोत्सव में सबसे खास होगा नीदरलैंड का भोजपुरी बैंड। पहली बार कोई विदेशी टीम महोत्सव में शामिल होकर यहां की संस्कृति और परम्परा पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत करेगी। इसकी खास बात यह है कि अंग्रेजों के जमाने में गिरमिटिया मजदूर के तौर पर नीदरलैंड गए और वहां बस गए लोगों की भी प्रस्तुति होनी है। कारण कि उनका भोजपुरी के प्रति आज भी जबरदस्त लगाव है। इसी में एक है राजमोहन की बैंड पार्टी, जो पारंपरिक भोजपुरी वादन, गायन व नृत्य की प्रस्तुतियां देगी। इसके अलावा मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय के पूर्व निर्देशक रहे पटना के प्रसिद्ध रंगकर्मी व लोकगायक संजय उपाध्याय, भोजपुरी भाषा के गीतकार, नाटककार, कलाकार और भोजपुरी के शेक्सपियर कहे जाने वाले भिखारी ठाकुर के विदेशिया गीतों की प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा रांची के नेशनल अवार्डी चंदन तिवारी का भोजपुरी गायन होगा। अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन व मुशायरा के अलावा पद्मश्री पंडित छन्नूलाल के पैतृक गांव हरिहरपुर घराना की भी प्रस्तुति होगी।

BY- RANVIJAY SINGH

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