स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

UP Cabinet Reshuffle : योगी कैबिनेट में इन्हें मिलेगा मौका और इनका छिनेगा मंत्रिपद, बीजेपी संगठन में फेरबदल जल्द

Hariom Dwivedi

Publish: Jul 25, 2019 18:40 PM | Updated: Jul 25, 2019 18:43 PM

Auraiya

- योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल Yogi Cabinet से बाहर हो चुके हैं चार मंत्री
- Yogi Cabinet Reshuffle और BJP State Sangathan Reshuffle में फेरबदल जल्द
- 28 जुलाई को लखनऊ आ रहे हैं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व गृहमंत्री Amit Shah

लखनऊ. उपचुनाव (UP Vidhansabha upchunav 2019) से पहले योगी मंत्रिमंडल (Yogi Cabinet Reshuffle) में बड़ा फेरबदल होने वाला है। स्वतंत्र देव सिंह (Swatantra Dev Singh) को भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने के बाद संगठन में भी बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी है। 28 जुलाई को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) लखनऊ आ रहे हैं। उनकी मौजूदगी में मंत्रियों और संगठन के पदाधिकारियों की नई लिस्ट तैयार होगी। बेहतर प्रदर्शन न करने वाले चेहरों को बाहर का रास्ता देखना पड़ सकता है, जबकि मंत्रिमंडल व संगठन में कुछ नए चेहरे भी शामिल किए जा सकते हैं। भाजपा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बीते दिनों दिल्ली में योगी कैबिनेट में फेरबदल को लेकर दो राउंड की बातचीत हो चुकी है, जिसमें तय हो चुका है कि योगी मंत्रिमंडल और संगठन में किसका कद घटाना है और किसका बढ़ाना। अमित शाह लखनऊ में एक कार्यक्रम के शिलान्यास समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत करेंगे। इस दौरान वह योगी मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर भी कोर कमेटी के लोगों से बात करेंगे। अमित शाह के दौरे के बाद ही यह साफ हो जाएगा कि मंत्रिमंडल विस्तार तुरंत होगा होगा या उपचुनाव के बाद के लिए टलेगा।

इन मंत्रियों ने दिया इस्तीफा
सांसद बनने के बाद योगी मंत्रिमंडल के तीन मंत्रियों सत्यदेव पचौरी (Satyadev Pachauri), डॉ. एसपी सिंह बघेल (SP Singh Baghel) और डॉ. रीता बहुगुणा जोशी (Rita Bahuguna Joshi) ने त्यागपत्र दे दिया है। इसके अलावा एक और मंत्री रहे सुभासपा के ओम प्रकाश राजभर (OM Prakash Rajbhar) को मंत्रिमंडल से बाहर किया जा चुका है। मंत्रिमंडल में शामिल स्वतंत्र देव सिंह को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिल चुकी है। माना जा रहा है कि उन्हें भी मंत्रिपद छोड़ना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में मंत्रिमंडल केवल 42 सदस्यीय ही रह जाएगा, जबकि मार्च 2017 में जब योगी मंत्रिमंडल ने शपथ ली थी, तब मंत्रियों की संख्या 47 थी। गौरतलब है कि योगी मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या 60 तक हो सकती है।

यह भी पढ़ें : पुरानी पेंशन बहाली को लेकर पहली बार योगी सरकार का बड़ा बयान, लंबे समय से चल रही मांग पर लिया यह फैसला

इन्हें मिल सकता है मंत्रिपद
सूत्रों का कहना है कि योगी मंत्रिमंडल के संभावित फेरबदल में कम से कम दो ब्राह्मण, दो ठाकुर, तीन पिछड़ों और दो अनुसूचित जाति के चेहरों को शामिल किया जा सकता है। किसी गुर्जर नेता को भी मंत्री बनाया जा सकता है। इसी तरह भाजपा संगठन में नये चेहरों को मौका दिया जा सकता है।

इनसे छिनेगी कुर्सी
सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ बीजेपी आलाकमान से मिलकर सूबे के चार मंत्रियों के कामकाज पर नाराजगी जता चुका है। इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) खुद भी कई मंत्रियों और उनके विभागों के कामकाज के तरीके से खुश नहीं हैं। ऐसे में या तो इन मंत्रियों के विभाग बदले जाएंगे या फिर इनको कोई और जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। साथ ही कुछ मंत्रियों को मौजूदा विभागों के साथ दूसरा कोई महत्वपूर्ण विभाग दिया जा सकता है।

यह भी पढ़ें : मुलायम ने एक बार फिर की अखिलेश की खिलाफत, नरेंद्र मोदी का समर्थन कर सपा में मचाया हड़कंप

Cabinet Reshuffle