स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

रवि किशन के बयान के बाद सपा ने यश भारती सम्मान को लेकर जारी किया बयान, भाजपा के लिए कहा यह

Abhishek Gupta

Publish: Jul 24, 2019 21:04 PM | Updated: Jul 24, 2019 21:04 PM

Auraiya

बुधवार को एक बार फिर यश भारती मुद्दे पर समाजवादी पार्टी की ओर से बयान जारी किया गया है।

लखनऊ. लोकसभा (Loksabha) में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्टीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कला-संस्कृति और खेलकूद के क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वालों को यश भारती सम्मान (Yash Bharti Award) व 50 हजार रुपए की धनराशि देने की बात कहकर भाजपा सरकार से भी ऐसे ही सम्मान देने पर जोर दिया था। इसपर गोरखपुर से सांसद रवि किशन (Ravi Kishan) ने उनकी बात का खंडन करते हुए कहा कि उन्होंने पूर्व की अखिलेश या मायावती की सरकार से कोई सम्मान नहीं मिला। बुधवार को एक बार फिर इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी की ओर से बयान जारी किया गया है। सपा के राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि भाजपा सरकार में कला-संस्कृति और खेलकूद के क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वालों के प्रति कोई सम्मानभाव नहीं है, उसके सम्मान पात्र हैं सिर्फ मुट्ठीभर कारपोरेट दुनिया के लोग। अखिलेश यादव ने लोकसभा में कलाकारों, साहित्यकारों, पत्रकारों तथा खेलकूद के क्षेत्र में ख्यातनामा लोगों को सम्मानपूर्ण जीवन की सुरक्षा देने के लिए पेंशन अथवा सम्मानराशि दिए जाने का मसला उठाया तो केन्द्र सरकार ने चुप्पी साध ली।

ये भी पढ़ें- सैफई में बैडमिंटन खिलाडी़ की मौत का मामला: कोच की पत्नी थीं शामिल, पुलिस ने तुरंत किया गिरफ्तार

akhilesh

भाजपा ने सत्ता में आते ही सम्मान राशि रोकी-
उन्होंने कहा कि भाजपा का कला-संस्कृति और खेलकूद के प्रति दिखावटी प्रेम इसी से जाहिर है कि समाजवादी सरकार ने यशभारती सम्मान प्राप्त लोगों को 50 हजार रूपए की सम्मानराशि स्वीकृत की थी ताकि वे सम्मानपूर्वक जी सके, अपनी प्रतिभा का और विस्तार तथा विकास करने का कार्य जारी रख सकें। लेकिन भाजपा ने सत्ता में आते ही सम्मानराशि रोक दी। अखिलेश यादव ने सवाल उठाया था कि यशभारती की तरह क्या सरकार पद्मश्री और अर्जुन एवार्ड जैसे राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त विशिष्ट व्यक्तियों को भी क्या सम्मान राशि प्रतिमाह देने की व्यवस्था करेगी? कला-संस्कृति और खेलकूल के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल करने वालों के प्रति समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने यह सवाल उठाकर अपनी सदाशयता और संवेदना प्रदर्शित की है।

ये भी पढ़ें- मायावती का बहुत बड़ा एक्शन, इस विधायक को किया बसपा के निष्कासित, किया था यह कृत्य

akhilesh

राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव का मानना है कि अधिकांश कलाकार, साहित्यकार और खिलाड़ी अपने जीवन के उत्तरार्द्ध में अनेक कठिनाइयों का सामना करते हैं। आर्थिक परेशानियों के साथ वृद्धावस्था में बीमारियों से भी परेशानी होती है। अतः उनकी उपलब्धियों को ख्याल में रखते हुए उनके सम्मानपूर्ण जीवनयापन के लिए एक समुचित धनराशि मिलनी चाहिए। इसी उद्देश्य से ‘यशभारती‘ के पात्रों को 11 लाख नकद के साथ 50 हजार रूपए मासिक सम्मान राशि देना अपने मुख्यमंत्रित्वकाल में अखिलेश यादव ने शुरू किया था।

भाजपा सरकार का रवैया कला-संस्कृति और खेलकूद के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल करने वालों के लिए उपेक्षा से भरा है। उसने दुराग्रह के साथ ‘यशभारती‘ सम्मान राशि रोकने का काम किया है। अखिलेश ने सभी पात्र लोगों को सम्मान दिया था। कला-संस्कृति के अलावा खेलकूद में विशिष्ट योगदान देने वालों के लिए उन्होंने सम्मानजनक धनराशि की व्यवस्था की थी।