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सोनभद्र मामले पर सीएम योगी के बयान पर अखिलेश ने किया पलटवार, दिया बड़ा बयान

Abhishek Gupta

Publish: Jul 19, 2019 19:44 PM | Updated: Jul 19, 2019 19:44 PM

Auraiya

अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर मामले में राजनीति करने व तथ्य छिपाने का आरोप लगाया है।

लखनऊ. सोनभद्र कांड (Sonbhadra Case) पर जमकर सियासत हो रही है। आज कांग्रेस (Congress) यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) सोनभद्र में पीड़ित परिवार से मिलने के जिद पर अड़ गई, लेकिन बीच में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। बस इसी एक चिंगारी का इंतजार था, हालांकि इसने आग का रूप तो नहीं लिया, लेकिन यूपी के कई जिलों में धरना प्रदर्शन जमकर हुआ। लखनऊ व बलिया समेत कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। वहीं समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के प्रतिनिमंडल को भी सोनभद्र में पीड़ित परिवार से मिलने से पुलिस ने रोक दिया गया। इससे पूर्व आज सुबह सीएम योगी (CM Yogi) ने मामले पर प्रेस कांफ्रेस कर कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा इसकी नींव कांग्रेस शासनकाल में ही रख दी गई थी। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने इस पर व सपा के प्रतिनिधिमंडल को पीड़ित परिवार से रोकने पर सीएम योगी को घेरा है। उन्होंने सीएम योगी पर मामले में राजनीति करने व तथ्य छिपाने का आरोप लगाया है।

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तथ्य छिपा कर जनता को ना बरगलाएं- अखिलेश
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जारी बयान में कहा कि सोनभद्र में दस लोगों की हत्या पर भी सीएम राजनीति से बाज ना आए। उन्होंने कहा कि वे तथ्य छिपा कर जनता को ना बरगलाएं। भाजपा सरकार में ही वनवासियों की जमीन को DM-SSP की देखरेख में आरोपी प्रधान के नाम दाखिल खारिज कराया गया। पोल ना खुल जाए इस लिए समाजवादी पार्टी प्रतिनिधि मंडल को पीड़ितों से मिलने से रोका।

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सीएम योगी ने कहा था यह-

आपको बता दें कि सीएम योगी ने आज प्रेस वार्ता में कहा कि इस घटना की नींव 1955 में ही पड़ गई थी, जब कांग्रेस की सरकार थी। इस पूरे प्रकरण में ग्राम पंचायत की जमीन को 1955 में आदर्श सोसाइटी के नाम पर दर्ज कर किया गया था। इस जमीन पर वनवासी समुदाय के लोग खेती बाड़ी करते थे। बाद में इस जमीन को किसी व्यक्ति के नाम 1989 में कर दिया गया था। 1955 में कांग्रेस की सरकार थी।