स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

क्यों मनाया जाता है भाई दूज, क्या है इस पर्व का रहस्य?

Rajeev sharma

Publish: Oct 31, 2016 12:22 PM | Updated: Oct 31, 2016 12:22 PM

Astrology and Spirituality

1 नवंबर 2016 (मंगलवार) को भाई दूज है। इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी आयु व जीवन में सफलता की कामना करती है। भैया दूज का दिन भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।

रक्षाबंधन की तरह भाई दूज भी बहन-भाई के प्रेम को समर्पित पर्व है। हर वर्ष कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की द्वितीया को भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। 




1 नवंबर 2016 (मंगलवार) को भाई दूज है। इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी आयु व जीवन में सफलता की कामना करती है। भैया दूज का दिन भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।





इस दिन बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक लगााकर पूजा कर उनकी आरती करती हैं और भोजन-मिठाई खिलाकर नारियल देती हैं। उनकी दीर्घायु की कामना के लिए हाथ जोड़कर यमराज से प्रार्थना करती हैं।





कुछ परंपराओं का अनुसरण करते हुए इस दिन बहनें पवित्र जलाशयों में स्नान भी करती हैं। भाई दूज को यम द्वितीया भी कहा जाता है। मान्यता के अनुसार इसी दिन मृत्यु के देवता यम की बहन यमी (सूर्य पुत्री यमुनाजी) ने अपने भाई यमराज को तिलक लगाकर भोजन कराया था तथा भगवान से प्रार्थना की थी कि उनका भाई दीर्घायु हो। इसलिए यह दिन यम द्वितीया के नाम से प्रसिद्ध है।