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नवरात्र में होगा यह दुर्लभ योग, शुभ फल व सिद्धि प्रदान करेंगी मां दुर्गा

Rajeev sharma

Publish: Sep 26, 2016 15:04 PM | Updated: Sep 26, 2016 15:04 PM

Astrology and Spirituality

इस वर्ष मां दुर्गा का वाहन तुरंग (घोड़ा) है जो शासक वर्ग के लिए तो अशुभ है पर प्रजा के लिए बहुत ही मंगलदायक है। इसके साथ ही इस बार नवरात्र के 10 में से आठ दिन राजयोग, द्विपुष्कर योग और अमृत योग के संयोग बन रहे हैं।

जयपुर. शरद ऋतु के आश्विन माह में आने वाले शारदीय नवरात्र 1 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं। इस बार प्रतिपदा तिथि वृद्धि के कारण नौ दिन के बजाय दस दिनों के होंगे। ऐसे में नवमी तिथि 10वें दिन पड़ेगी। 




इससे पहले वर्ष 2000 में दो तिथि लगातार दो दिनों तक होने के कारण नवरात्र 10 दिन के थे। 16 साल बाद फिर ऐसा संयोग बन रहा है। शास्त्रों में 10 दिन के नवरात्र शक्ति उपासना के लिए अत्यंत शुभ माने गए हैं। 




इस वर्ष मां दुर्गा का वाहन तुरंग (घोड़ा) है जो शासक वर्ग के लिए तो अशुभ है पर प्रजा के लिए बहुत ही मंगलदायक है। इसके साथ ही इस बार नवरात्र के 10 में से आठ दिन राजयोग, द्विपुष्कर योग, सिद्धियोग, सर्वार्थ सिद्धि योग, सिद्धियोग और अमृत योग के संयोग बन रहे हैं। 




नवरात्र में विशेष योग नवरात्र के दौरान 10 में से 8 दिन विशेष योग बन रहे हैं। इनका महत्व नवरात्र के शुभ दिनों के कारण और बढ़ गया है। इन दिनों में राजयोग, द्विपुष्कर योग, सिद्धियोग, सर्वार्थ सिद्धि योग, सिद्धियोग और अमृत योग का संयोग बन रहा है। 




इन विशेष योगों में की गई खरीदारी अत्यधिक शुभ और फलदायी रहेगी। हस्त नक्षत्र और ब्रह्म योग में होगी घट स्थापना नवरात्रि पूजन व कलश स्थापना आश्विन शुक्ल प्रतिपदा के दिन सूर्योदय के बाद 10 घड़ी तक अथवा अभिजीत मुहूर्त में करना चाहिए। 




इस बार प्रतिपदा के दिन ना तो चित्रा नक्षत्र है और ना ही वैधृति योग बन रहा है। इसके चलते घट स्थापना के समय कोई दोष नहीं है। ज्योतिष शास्त्री पंडित सुरेश कुमार शास्त्री के अनुसार नवरात्रि पूजन द्वि स्वभाव लग्न में करना श्रेष्ठ रहता है। मिथुन, कन्या व धनु राशि द्वि स्वभाव राशि हैं। 




साधक को सूर्योदय के बाद इसी लग्न में पूजा शुरू करनी चाहिए। शास्त्रों के अनुसार सूर्योदय के बाद व अभिजीत मुहूर्त में घट (कलश) स्थापना करना चाहिए। श्रद्धालु मां भगवती के सभी नौ रूपों का हर दिन पूजन कर उसी अनुरूप प्रसाद चढ़ाना चाहिए। 




नवरात्र में तिथि वृद्धि एवं शुभ संयोग भक्तों के लिए खुशहाली और संपन्नता लाने के संकेत दे रहे हैं। नवरात्र की इन तिथियों में होंगे विशेष योग नवरात्र में दस तिथियों में से आठ तिथियों में कोई ना कोई विशेष योग बन रहा है। इन योगों के अनुसार खरीदारी की जाए तो शुभ रहेगा।