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शराब पीकर क्लास रूम में सो रहा था शिक्षक, अचानक पहुंचे अधिकारी ने किया ये हाल

Arvind jain

Publish: Sep 14, 2019 13:31 PM | Updated: Sep 14, 2019 13:31 PM

Ashoknagar

कार्रवाई: स्कूलों में जारी जिम्मेदारों की मनमानी, तहसीलदार ने किया निरीक्षण तो हुआ खुलासा।

- बीईओ और बीआरसीसी को जिला शिक्षा अधिकारी ने जारी किया कारण बताओ नोटिस, पूछा क्यों नहीं कर रहे शासकीय स्कूलों का निरीक्षण।

अशोकनगर। प्रशासन की सख्ती के बाद भी सरकारी स्कूलों में जिम्मेदारों की मनमानी पर लगाम लगती नजर नहीं आ रही है। अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि स्कूलों की हकीकत जानने पहुंचे तहसीलदार को एक स्कूल में ताला लटका मिला तो दूसरे स्कूल में एक शिक्षक शराब के नशे में सोता हुआ मिला। इस पर डीईओ ने चार शिक्षकों को निलंबित कर दिया है और बीईओ व बीआरसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

 

 

बिना किसी सूचना अनुपस्थित थे
मामला जिले के मुंगावली ब्लॉक का है। तहसीलदार, बीईओ और बीआरसीसी ने 11 सितंबर को स्कूलों का निरीक्षण किया। साढ़े 12 बजे जब अधिकारी प्राथमिक विद्यालय तिन्सी पहुंचे तो स्कूल में ताला लटका हुआ था और वहां पदस्थ शिक्षक अनुपस्थित थे। प्राथमिक विद्यालय तिन्सी में शिक्षक रामेंद्रसिंह राजावत, प्रागीलाल सलोने और रफीक अहमद पदस्थ हैं और तीनों ही शिक्षक स्कूल से बिना किसी सूचना अनुपस्थित थे।


निलंबित कर दिया है
वहीं जब अधिकारी प्राथमिक विद्यालय रमपुरा पहुंचे तो शिक्षक राजकुमार पाल शराब के नशे में स्कूल में ही फर्श पर सोते हुए मिला। इस पर तहसीलदार ने कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को जांच प्रतिवेदन भेजा। जांच प्रतिवदेन पर जिला शिक्षा अधिकारी आदित्यनारायण मिश्रा ने शिक्षक रामेंद्रसिंह राजावत, प्रागीलाल सलोने, रफीक अहमद और राजकुमार पाल को निलंबित कर दिया है।

बीईओ-बीआरसी को कारण बताओ नोटिस जारी-
इस संयुक्त निरीक्षण के जांच प्रतिवेदन के बाद जिला शिक्षा अधिकारी आदित्यनारायण मिश्रा ने मुंगावली के प्रभारी बीईओ नरेंद्रसिंह बैस और बीआरसी श्यामबिहारी शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि तहसीलदार ने संयुक्त निरीक्षण किया, जिसमें आप भी थे।


विद्यालय में सोते हुए पाया गया
निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय तिन्सी बंद पाया गया और प्राथमिक विद्यालय रमपुरा में शिक्षक शराब के नशे में विद्यालय में सोते हुए पाया गया। इससे स्पष्ट होता है कि विद्यालयों का समय-समय पर निरीक्षण नहीं किया किया जाता है, इससे आपका यह कृत्य अपने दायित्वों के प्रति गंभीर लापरवाही और उदासीनता का द्योतक है और कदाचरण की श्रेणी में आता है।


नोटिस पर जबाव मांगा है
जिला शिक्षा अधिकारी ने नोटिस में पूछा है कि क्यों न आपके विरुद्ध दो वेतनवृद्धि रोकने का प्रस्ताव वरिष्ठ कार्यालय को भेजा जाए। साथ ही सात दिन में बीईओ व बीआरसी से इस नोटिस पर जबाव मांगा है।

 

यहां दो अधीक्षिकाएं भी निलंबित
कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम व सहायक संचालक महिला बाल विकास विभाग ने 30 अगस्त को अनुसूचित जाति कन्या उत्कृष्ट सीनियर छात्रावास अशोकनगर और अनुसूचित जाति कन्या जूनियर छात्रावास तूमैन का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान छात्रावासों में कमियां पाई गईं।


इस पर अधीक्षिका किरण शिल्पकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, नोटिस का जबाव न देने पर आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक ने अधीक्षिका को निलंबित कर दिया है। वहीं अधीक्षिका संगीता पंथी को दायित्वों में लापरवाही, उदासीनता एवं अनुशासनहीनता बरतने पर निलंबित किया गया है।

 

जिलेभर में ऐसे ही हालात
यह सिर्फ एक या दो जगह की बात नहीं है, बल्कि जिले के ज्यादातर स्कूल इसी तरह से जिम्मेदारों की मनमानी का शिकार हैं। लेकिन प्रशासन की सख्ती के बाद भी इस मनमानी पर लगाम लगती नजर नहीं आ रही है और जिम्मेदारों की मनमानी का खामियाजा गांवों के छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।