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Jailbreak plan : जेलब्रेक की योजना से मचा हड़कंप: कैदियों ने जेल से भागने का किया प्रयास

Arvind jain

Publish: Aug 14, 2019 15:55 PM | Updated: Aug 14, 2019 15:55 PM

Ashoknagar

हत्या, लूट और दुष्कर्म के मामले में बंद हैं सभी आठों आरोपी, अब इन कैदियों को प्रदेश की अलग-अलग जेलों में शिफ्ट कराने का प्लान।

अशोकनगर। जिला जेल में बंद आठ कैदियों के जेल से भागने Jailbreak का प्रयास करने का मामला सामने आया है। बैरकों में ही बंद रहकर इन कैदियों Prisoners ने जेल तोड़कर भागने की योजना बनाई और इस योजना को अंजाम देने आवश्यक सामान भी जेल में ही जुटा लिया। गनीमत रही कि भागने से पहले जेल प्रबंधन को मामले की जानकारी मिल गई और कैदियों का प्रयास विफल हो गया। जेल प्रबंधन ने आठों कैदियों के खिलाफ थाने में प्रकरण दर्ज करा दिया, साथ ही सुरक्षा भी बढ़ा दी है। लेकिन इस मामले से जेल प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है। हालत यह है कि आज जेल डीजी के अशोकनगर आकर जेल का निरीक्षण करने की संभावना भी है।


भागने के प्रयास का प्रकरण दर्ज कर लिया
जेल प्रहरी जोगेंद्र राजावत की शिकायत पर देहात थाना पुलिस ने कैदी खूबसिंह, संतोष कुशवाह, गोपाल परिहार, रंजीत केवट, शुभम उर्फ पीसू उर्फ आकाश जाटव, बंटी उर्फ हरवंश आदिवासी, दीपक ढ़ीमर और मनोहर धानक के खिलाफ जेल से भागने के प्रयास का प्रकरण दर्ज कर लिया है। साथ ही पुलिस मंगलवार को जिला जेल पहुंची और कैदियों के बयान दर्ज किए। साथ ही उनके पास मिले जेल से भागने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले अवैध सामान के बारे में भी पूछताछ की है।


जिले में इस तरह का यह पहला मामला
जिले में इस तरह का यह पहला मामला है और इस मामले के सामने से सवाल उठने लगे हैं कि आखिर कैसे कैदियों के पास सामान पहुंच रहे हैं। वहीं पुलिस भी इस मामले को गंभीरता से ले रही है।


रिटायर्ड एसएएफ जवान व उनकी पत्नी हत्या के आरोपी हैं चार कैदी-
जेल से भागने का प्रयास करने वाले इन आठ कैदियों में से चार कैदी हत्या व लूट के आरोपी है। जिन्होंने 18 दिसंबर की रात को नईसराय थाना क्षेत्र के बीसोर गांव में रिटायर्ड एसएएफ जवान निहालसिंह रघुवंशी और उनकी पत्नी गीता की गोली मारकर हत्या कर दी थी और घर से सोने-चांदी के जेबर व कार लूट ले गए थे। जिन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने योजना के तहत ढ़ाबा खोला और वहां जब यह आरोपी शराब पीने पहुंचे तब पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर पाई थीं। वहीं शेष चार आरोपी दुष्कर्म व अन्य मामलों में जेल में बंद हैं।

अन्य जेलों में शिफ्ट कराने का प्लान
जेल में पहली बार हुई इस तरह की घटना के बाद जिले से लेकर राजधानी तक जेल प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों की मानें तो अब इन सभी आठों कैदियों को जेल प्रबंधन ने प्रदेश की अलग-अलग जेलों में शिफ्ट करने का प्लान बनाया है। साथ ही बुधवार को भोपाल से जेल डीजी के भी आने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि जेल डीजी अशोकनगर पहुंचकर जेल की सुरक्षा और इस घटना की जानकारी लेंगे और जेल का निरीक्षण करेंगे।

 

हालत: सिलेण्डर लेकर बाहर तक आया कैदी-
मामले की जानकारी मिलते ही दूसरे दिन मंगलवार को पत्रिका ने जब जेल की सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत जानी तो हालात संदेहास्पद नजर आए। मंगलवार शाम को जेल में बंद कैदी बाहर सिलेण्डर देते हुए नजर आया। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के लिए जेल के आसपास उजाले के लिए लगाई लाइटें भी गायब मिलीं और उनकी एक-एक छोटे बल्व लगे मिले। इससे जेल प्रबंधन की सजगता पर सवाल उठने लगे हैं।

आठ कैदियों ने भागने की योजना बनाई, प्रकरण दर्ज करा दिया है। जिनमें हत्या व दुष्कर्म के कैदी शामिल हैं। भोपाल तक जानकारी पहुंच गई हैं, जेल सुरक्षा की बात है, इसलिए ज्यादा नहीं बता सकता।
एसएस सिद्दीकी, जेलर जिला जेल अशोकनगर


जेलर ने आवेदन दिया था कि कैदी भागने के प्रयास की योजना बना चुके हैं, उनके पास कुछ सामान भी मिला है। प्रकरण दर्ज करवा कर अब जांच की जा रही है।
पंकज कुमावत, एसपी अशोकनगर

 

मामला आज का नहीं, दो-तीन दिन पहले का है। कैदियों ने भागने की प्लानिंग कर ली थी, जेल को भनक लग गई तो एक्शन भी ले लिया। सर्चिंग भी कर ली, सामान एक-दो ही ज्यादा कुछ मिला नहीं। शायद दूसरी जेल में शिफ्ट करने के आदेश भी आ गए हैं।
डॉ.मंजू शर्मा, कलेक्टर अशोकनगर