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heavy rain in mp : धीरे-धीरे सामान्य हो रहे तिघरी और अखाईघाट गांव के हालात

Arvind jain

Publish: Aug 18, 2019 12:07 PM | Updated: Aug 18, 2019 12:07 PM

Ashoknagar



-फ सल का बड़ा भाग अभी भी पानी की चपेट में, धसके पुल से भी निकल रहे हैं वाहन

अशोकनगर। लगातार चार दिन हुई तेज बारिश heavy rain के कारण सिंध का रौद्र रूप धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है। जिले की नईसराय तहसील के शाजापुर तिगरी और अखाईघाट में जो बाड़ की स्थिति बनना लगभग तय हो गया था। वह भी अब समाप्त हो गई है। इस कारण प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है। हालांकि, अभी भी आधा दर्जन गांवों में सोयाबीन और उड़द की फसल का एक बड़ा रकबा सिंध के पानी में डूबा हुआ है।


सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया
लगातार हुई तेज बारिश के कारण नईसराय तहसील के आखरी छोर पर सिंध के किनारे पर बसे शाजापुर तिगरी और अखाई गांव में गुरूवार की रात बाड़ जैसे हालात बन गए थे। हालात की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया था। उन्होंने गांव वालों को समझाइस देकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

 

पानी गांव से काफी दूर जा चुका
अच्छी बात यह रही कि शुक्रवार की सुबह से सिंध का पानी उतरना शुरू हो गया था और दोपहर तक पानी गांव से काफी दूर जा चुका था। लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने ग्रामीणों को नदी किनारे नहीं जाने की सलाह दी थी। साथ ही स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही थी।

 

सामान घरों से निकलवाया
अशोकनगर और गुना जिले के बीच में बहने वाली सिंध नदी बारिश के सीजन में पहले भी कई बार उत्पात मचा चुकी है। बताते हैं कि तीन दिन पहले तक स्थिति एक दम सामान्य थी। लेकिन अचानक शुरू हुई बारिश के कारण सिंध नदी पूरे शबाव पर आ गई शुक्रवार दोपहर बाद सिंध का पानी नईसराय तहसील के शाजापुर तिगरी और अखाई घाट गांव में बने घरों को छूने लगा। मामले की सूचना मिलते ही तहसीलदार नरेन्द्र कुमार पांडे और थाना प्रभारी विजय बहादुर सिंह बुंदेला मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइस देकर जरूरी सामान घरों से निकलवाया।


भरपूर सहायता का आश्वासन दिया
हालांकि, कई ग्रामीण इसके पहले ही सुरक्षित स्थान तलास चुके थे। ग्रामीणों ने बताया कि शाम चार बजे तक सिंध नदी का पानी बड़ता जा रहा था। इसलिए उन्हें डर सता रहा था। क्योंकि, लगभग आठ साल पहले वह बाड़ की भीषण आपदा का सामना कर चुके थे। लेकिन अच्छी बात यह रही कि रात नौ बजे के बाद नदी का पानी उतरने लगा और सुबह तक गांव सुरक्षित स्थिति में पहुंच गया। शुक्रवार की सुबह जनपद पंचायत सीईओ महेन्द्र कुमार जैन गांवों की स्थिति जानने पहुंचे और उन्होंने लोगों से चर्चा कर भरपूर सहायता का आश्वासन दिया।

 


पुल धंसका, खतरे के बाद भी निकल रहे हैं यात्री वाहन
लगातार हो रही बारिश के कारण हसनपुर गांव के पास से निकली नदी का पुल धसक गया है। लगभग 20 साल पहले बनाए गए इस पुल से सटाकर ही दूसरे नए पुल का निर्माण किया जा रहा था। लेकिन उस पुल का निर्माण हो पाता इसके पहले ही पुराना पुल बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है।

 


पुल के बीच में बड़ी बड़ी दरारे पड़ गई
पुल के बीच में बड़ी बड़ी दरारे पड़ गई हैं। साथ ही पुल की एक तरफ की पट्टी पूरी तरह से झुक गई है। बारिश के समय तो इस पुल पर आवागमन रोक दिया गया था। लेकिन पुल से पानी कम होने के बाद फि र से आवागमन शुरू हो गया। खासबात यह है कि पुल बेहद खतरनाक स्थिति में है। जो वाहन निकलने पर कभी भी क्षतिग्रस्त हो सकता है। बाबजूद इसके यात्री बसें भी बेखौफ इस पुल से गुजर रही हैं।

 

सिंध का पानी उतरने से गांव सुरक्षित स्थिति में हैं। ग्रामीणों को सलाह दी है कि वह खेतों की ओर न जाएं। खेतों का एक बड़ा हिस्सा अभी भी पानी में डूबा हुआ है। पानी उतरने के बाद नुकसान का आंकलन किया जाएगा।
नरेन्द्र कुमार पांडे तहसीलदार नईसराय