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heavy rain : बारिश का कोहराम, उफनती नदियों ने घेरे गांव,28 घंटे बंद रहे नेशनल हाईवे, घरों में नहीं बना खाना

Arvind jain

Publish: Aug 17, 2019 16:22 PM | Updated: Aug 17, 2019 16:22 PM

Ashoknagar

बारिश का कोहराम: तीन दर्जन गांवों में घरों में भरा पानी, एक सैंकड़ा से अधिक कच्चे मकान हुए धरासाई। नदियों के बहाव में उखड़ गई हजारों बीघा की फसलें, तीसरे दिन भी भरा रहा नदियों का पानी।

अशोकनगर। लगातार तीन दिन हुई तेज बारिश heavy rain ने जिले में कोहराम मचा दिया। एक दर्जन गांवों में बाढ़ के हालात बने रहे उफनती नदियों के बहाव से घिरे इन गांवों में लोगों को पूरी रात जागकर गुजारना पड़ी, नदियों के उफान से करीब पांच हजार बीघा की फसल बर्बाद हो गई। करीब एक सैंकड़ा से अधिक कच्चे मकान धरासाई हो गए और लोगों का गृहस्थी का सामान खराब हो गया।

रास्ते पर आवाजाही बंद
लगातार 28 घंटे तक बंद रहे नेशनल हाईवे के बहादुरपुर स्थित पुल पर लोगों को ट्यूब के सहारे नदी पार करना पड़ी। वहीं राजघाट का पुल लगातार 60 घंटे से अधिक समय से डूबा हुआ है और रास्ते पर आवाजाही बंद है।

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खेत नदी की तरह नजर आए
तेज बारिश से गुरुवार को उफान पर आई नदियों से दोपहर बाद बाढ़ के हालात बनना शुरू हो गए। शाम के समय बेतवा नदी ने सांवलहेड़ा, हुरेरी, निटर्र, बाढ़ौली, आंक्सी, भोपाल, सेमरखेड़ी सहित कई गांवों को घेर लिया। सांवलहेड़ा और हुरेरी में तो नदी का पानी का घरों तक पहुंच गया। वहीं ढि़चरी में भी कैंथन नदी का पानी सीधे ही गांव को घेरकर खेतों में से निकलने लगा, इससे खेत नदी की तरह नजर आए।


एक-एक फिट पानी भर गया
वहीं मोला व कैंथन नदी ने बहादुरपुर को दोनों तरफ से घेर लिया और पुराने व नए बाजार के बीच से नदी बहने से रास्ता बंद हो गया। घरों में पानी भरने से कई मकान धरासाई हो गए। इससे प्रशासनिक अधिकारी रातभर घूमते रहे। अशोकनगर शहर में भी दर्जनों घरों में एक-एक फिट पानी भर गया।

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कच्चे मकान गिरने की आशंका
बारिश के इस कोहराम से किसानों को करोड़ों रुपए का नुकसान हो गया, तो वहीं तीन दिन से पानी में डूबी फसलों के भी गलकर खराब होने की आशंका है। वहीं बारिश से जिले में एक सैंकड़ा से अधिक कच्चे मकान गिरने की आशंका है।

 

बारिश से यह भी रहे जिले में हालात-
- नदियों के उफान से जिले की सभी सड़कें जाम हो गईं और दिनभर वाहनों की आवाजाही बंद रही। विदिशा, ललितपुर और बीना मार्ग भी बंद रहे।
- बेतवा गुरुवार सुबह 8 बजे से शुक्रवार सुबह 5 बजे तक कंजिया पुल से पांच फिट ऊपर रही, नेशनल हाईवे पर गुरुवार सुबह 9 बजे से शुक्रवार एक बजे तक पुल डूबा रहा।
- राजघाट बांध के 16 गेट खुलने से बुधवार सुबह 8 बजे से शुक्रवार रात 8 बजे के बाद भी यूपी-एमपी पुल डूबा रहा, 60 घंटे बाद भी 15 फिट ऊपर पानी बह रहा था।
- राजघाट बांध से शुक्रवार शाम पांच बजे के बाद 3.95 लाख क्यूसेक यानी 1.12 करोड लीटर पानी प्रति सेकेंड छोड़ा जा रहा है, वहीं शहर को पेयजल देने वाला अमाही तालाब फुल भर गया।
- बहादुरपुर में फंसे दर्जनों यात्रियों को कस्बे के युवाओं ने चंदा कर रुपए जोड़े और उन्हें खाना व नाश्ता की व्यवस्था कराई।

तीन दिन से टापू पर फंसे व्यक्ति को एनडीआरएफ ने निकाला
अशोकनगर. बकरियां चराने के लिए गया विदिशा जिले के दादूदार गांव निवासी रामसिंह बेतवा नदी के तेज उफान से टापू पर फंस गया। लगातार तीन दिन वह अपनी 60 बकरियों के साथ टापू पर फंस गया। जब उसके साथियों ने प्रशासन को सूचना दी, तो रास्ता न होने से कुरवाई से अधिकारी नहीं आ सके।


थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे
बाद में अशोकनगर कलेक्टर डॉ.मंजू शर्मा को जानकारी मिली, इससे रात में ही मुंगावली एसडीएम-तहसीलदार व थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और मामले की पुष्टि हुई तो भोपाल से एनडीआरएफ की टीम को बुलाया, टीम ने रेस्क्यू कर रामसिंह और उसकी 60 बकरियों को बाहर निकाला। बकरियों को निकालने के लिए टीम को नदी में 9 चक्कर लगाना पड़े। वहीं ओर नदी के पुल पर भी एक व्यक्ति फंस गया, हालांकि बाद में उसे ग्रामीणों ने निकाला।


बारिश से जलमग्न हुईं कई कॉलोनियां
मुंगावली. तीन दिन की तेज बारिश से शहर जलमग्न हो गया। गुरुवार सुबह लोग नींद से जागे तो घरों के चारों तरफ पानी ही पानी नजर आया। जेल तालाब के ओवरफ्लो से पानी बहने से चंदेरी रोड स्थित कॉलोनियों की सड़कें तो डूबी हीं, वहीं घरों में भी पानी भर गया। इससे घरों में गृहस्थी का सामान भी भीग गया। वहीं शहर की अन्य कॉलोनियों व दुकानों में भी पानी भर गया।


क्षेत्र में करीब 50 मकान धरासाई हो गए
कई जगह तो ढ़ाई से तीन फिट पानी भर जाने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इससे शहर सहित आसपास के क्षेत्र में करीब 50 मकान धरासाई हो गए। लोगों को बारिश में भीगते हुए घरों से सामान निकालकर सुरक्षित जगहों पर रखना पड़ा। वहीं शहर की मुख्य सड़क भी पानी से लबालब होकर नदी की तरह बहने लगी, इससे लोगों को निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा। बीना रोड, विदिशा रोड और ललितपुर रोड नदियों के उफान से बंद हो गए और नदियों के बहाव से खेत भी पानी में डूब गए।

 

बारिश के बीच बाल्टियों से घरों से बाहर पानी फैंकते रहे लोग
सेहराई. भारी बारिश की वजह से गुरुवार को सभी नदी-नाले उफान रहे और सेहराई, मुंगावली, चंदेरी मार्ग बंद रहा। नदी-नालों में 5 फिट से लेकर 15 फिट ऊपर तक पानी देखने मिला।


घरों से बाहर पानी फैंकने में लगे रहे
बंदिया बस स्टैंड से लेकर बाजार तक जाने वाली सड़क पर तीन फिट तक पानी भरा रहा और घरों में पानी भर जाने से लोग दिनभर बाल्टियों से घरों से बाहर पानी फैंकने में लगे रहे। ग्रामीणों के मुताबिक पिछले 15 साल में लोगों ने बेलन नदी का ऐसा भयानक रूप नहीं देखा। ग्रामीणों ने प्रशासन व पंचायत से पानी की उचित निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है।

घरों में भरा पानी तो खटियों पर बैठे रहे लोग, चूल्हे भी नहीं जले
अचलगढ़. जहां लोग स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन के त्यौहार की खुशी मना रहे थे, लेकिन दूसरी तरफ बारिश उनके लिए परेशानी बनती नजर आई। घरों में पानी भरने से लोग बर्तनों से पानी भरकर फैंकते दिखे।

 

घरों में चूल्हे तक नहीं जल सके
घरों के बीच पानी में डूबे गृहस्थी के सामान को देखकर बुजुर्ग और बीमार लोग खटियों पर बैठकर परेशान होते दिखे। कई घरों में चूल्हों में पानी भर जाने से घरों में चूल्हे तक नहीं जल सके। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा और कई परिवारों को भूखे पेट ही रहना पड़ा।