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जलविहार को विमानों में निकले भगवान, दर्शन के लिए शहर में उमड़ा जनसैलाब

Arvind jain

Publish: Sep 11, 2019 13:09 PM | Updated: Sep 11, 2019 13:09 PM

Ashoknagar


- विभिन्न मंदिरों से शहर में निकाले गए 35 विमान, शंख ध्वनियों से गूंजा शहर आशीर्वाद लेने विमानों के नीचे से निकले हजारों लोग।

अशोकनगर। जलझूलनी एकादशी पर मंदिरों में सजे विमानों में विराजमान होकर भगवान जलविहार के लिए निकले तो शहर में जनसैलाब उमड़ पड़ा। शहरवासियों ने रास्ते में जगह-जगह भगवान की आरती उतारी, तो वहीं आशीर्वाद पाने के लिए हजारों की संख्या में लोग विमानों के नीचे से निकले।


शंख और घंटियों का स्वर गूंजता रहा
शहर में उमड़े जनसैलाब से सड़कों पर जाम लग गया, जहां हर व्यक्ति खुद और बच्चों को विमानों के नीचे से निकालने का प्रयास करता नजर आया। शाम को गांधी पार्क पर एकत्रित होने के बाद सभी विमान जलविहार के लिए तुलसी सरोवर पहुचे, विमानों के चबूतरा पर 1001 दीपों से भगवान की आरती की गई और विधि-विधान से भगवान को जलविहार कराया गया। इससे देर शाम तक शहर में शंख और घंटियों का स्वर गूंजता रहा।

 

जलविहार को विमानों में निकले भगवान, दर्शन के लिए शहर में उमड़ा जनसैलाब

भाई लक्ष्मण से मिलने पहुंचे रघुनाथजी
जिले के चंदेरी शहर में हर साल जलझूलनी एकादशी पर भगवान रघुनाथजी विमान में विराजमान होकर अपने छोटे भाई लक्ष्मणजी से मिलने दो किमी दूर परमेश्वर तालाब स्थित लक्ष्मण मंदिर जाते हैं।

 

शहर को भोज कराया जाएगा
सोमवार शाम को जब लक्ष्मण मंदिर पहुंचे तो मंदिर समिति ने रघुनाथजी का बेलचा की मिठाई से स्वागत किया। रघुनाथजी रातभर लक्ष्मण मंदिर में ही रुके और रातभर कीर्तन और भजनों का दौर जारी रहा। वहीं मंगलवार को इस खुशी में लक्ष्मण मंदिर द्वारा चंदेरी शहर को भोज कराया जाएगा।