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मांगे नहीं मानी तो विरोध में कटवा दी 50 साल पुरानी मूंछें

Arvind jain

Publish: Sep 16, 2019 13:19 PM | Updated: Sep 16, 2019 13:19 PM

Ashoknagar

किसानों की नाराजगी: ऋणमाफी, बोनस और भावांतर का भुगतान न होने से नाराज किसानों का प्रदर्शन।

- सरकार को किसानों की चेतावनी, किसानों की इज्जत मानी जाने वाली मूंछ चली गई अब सरकार भी अपनी पूंछ नहीं बचा पाएगी। अब गांव-गांव से होगा आंदोलन।

अशोकनगर। ऋणमाफी, बोनस और भावांतर राशि का अब तक भुगतान न होने और किसानों की वादाखिलाफी से नाराज किसान दो दिन से धरने पर बैठे हुए हैं। जिन्होंने सरकार की वादाखिलाफी का मुंडन कराकर विरोध जताया, तो वहीं विरोध में पांच किसानों ने अपनी 50 साल पुरानी मूंछें कटवा दीं। साथ ही किसानों ने सरकार को चेतावनी दी है कि जब किसानों की इज्जत मानी जाने वाली मूंछ चली गई अब सरकार भी अपनी पूंछ नहीं बचा पाएगी और गांव-गांव से आंदोलन होगा।


वादाखिलाफी का विरोध मूंछ कटवाकर जताया
भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसान शनिवार से मंडी परिसर में तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन पर बैठे हुए हैं। रविवार को धरना स्थल पर 11 किसानों ने अपना मुंडन कराकर और पांच किसानों ने इज्जत मानी जाने वाली अपनी 50 साल पुरानी मूंछों को कटवाकर विरोध जताया। किसान संघ के अमानसिंह लोधी ने 40 साल पुरानी मूंछें दुखी मन से कटवा दीं, तो वहीं गजरामसिंह यादव ने 50 साल पुरानी मूंछ कटवा दी। शिवराम सिंह, अमरसिंह और नन्नूलाल अहिरवार ने भी प्रदेश सरकार की वादाखिलाफी का विरोध मूंछ कटवाकर जताया।

किसानों ने मुंडन कराकर विरोध जताया
वहीं किसान संघ के जिलाध्यक्ष राजकुमारसिंह रघुवंशी ने निर्णय लिया है कि जब तक किसानों को लाभकारी मूल्य मिलना शुरु नहीं हो जाएगा, तब तक वह अपने सिर पर बाल नहीं उगने देंगे। इस दौरान संगठन के प्रांतीय सदस्य बलवीरसिंह, पवनकुमार शर्मा सहित अन्य किसानों ने मुंडन कराकर विरोध जताया।

 

केंद्र और प्रदेश सरकार कर रहीं किसानों का शोषण-
किसानों ने कहा कि जहां प्रदेश सरकार वादाखिलाफी कर रही है और अब तक सभी किसानों की ऋणमाफी नहीं की, इससे किसानों का कर्ज का ब्याज बढ़ता जा रहा है। वहीं किसानों को उनके ही पैसे का भुगतान नहीं किया जा रहा है।

वहीं ज्यादा बारिश से फसलें नष्ट हो चुकी हैं और अब तक नुकसान का सर्वे भी शुरु नहीं कराया गया। वहीं केंद्र सरकार पर किसानों को फसलों का लाभकारी मूल्य न देने का भी किसानों ने आरोप लगाया।

आज रैली निकालकर विरोध जताएंगे किसान-
किसानों को उनका ही बकाया पैसा शासन द्वारा न दिए जाने और ऋण माफ न होने सहित विभिन्न मांगों के लिए आज किसानों द्वारा किसान अधिकार रैली निकाली जाएगी। किसान मंडी से कलेक्ट्रेट तक रैली निकालेंगे और ज्ञापन देकर प्रदेश सरकार को मांगे पूरी करने की मांग करेंगे।


पत्रिका पड़ताल: किसानों की तीन मुख्य मांगों पर एक नजर-


1. भावांतर: 30 हजार किसानों का 30 करोड़ बकाया-
पिछले वर्ष प्रदेश सरकार ने भावांतर भुगतान योजना में सोयाबीन पर 500 रुपए क्विंटल की घोषणा की थी। योजना में जिले के 30 हजार किसानों ने 6 लाख क्विंटल सोयाबीन बेचा था। 500 रुपए क्विंटल से 30 करोड़ रुपए भुगतान होना था, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ। अशोकनगर मंडी में ही योजना में 18818 किसानों ने 415 214 क्विंटल सोयाबीन बेचा था, जिसका 20.76 करोड़ रुपए बकाया है।

 

2. बोनस: 13.39 करोड़ रुपए का भुगतान शेष-
समर्थन मूल्य खरीदी में प्रदेश सरकार ने गेहूं पर 160 रुपए क्विंटल, चना, मसूर व सरसों पर 100 रुपए क्विंटल बोनस की घोषणा की थी। 8578 किसानों ने 812 873 क्विंटल गेहूं, 1730 किसानों ने 38588 क्विंटल चना, मसूर व सरसों बेची। गेहूं का 160 रुपए क्विंटल से 13 करोड़ 59 हजार 680 रुपए बोनस और चना, मसूर व सरसों का 100 रुपए क्विंटल में 3858800 रुपए बोनस बनता है। किसानों का 13.39 करोड़ रुपए बोनस राशि अब तक नहीं मिली।


3. ऋणमाफी: 40 हजार किसानों को लाभ नहीं मिला-
शासन ने प्रत्येक किसान का दो लाख रुपए तक ऋण माफ करने की घोषणा की थी। इसके लिए जिले के 56 हजार किसानों ने अपने आवेदन किए। अब तक 12071 किसानों का 51 करोड़ 92 लाख 16 हजार 304 रुपए ऋण माफ हुआ, लेकिन अभी जिले के 40 हजार किसान ऋणमाफी के इंतजार में हैं।


मूंछ किसानों की इज्जत मानी जाती है, सरकार ने किसानों से वादाखिलाफी की। किसान परिवारों के सामने सड़कों पर आने की नौबत आ गई है। इसलिए किसानों ने मूंछ करवाकर विरोध जताया। किसानों की मूंछ चली गई, अब सरकार भी अपनी पूंछ नहीं बचा पाएगी। गांव-गांव से आंदोलन होगा।
जगरामसिंह यादव, प्रदेश मंत्री भारतीय किसान संघ