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जुड़वा नन्हीं परियों से महका घर-आंगन, गाजे-बाजे और सजी गाड़ी में यूं ले आए

Brijesh Singh

Publish: Sep 05, 2019 18:22 PM | Updated: Sep 05, 2019 18:22 PM

Amritsar

Twin Girl Child Birth: तीन बेटियों के पिता बन चुके जतिंदर सिंह टोनी और उनकी मां ने दोनों जुड़वां बेटियों ( Twin Girl Child Birth ) को फूलों से सुसज्जित कार से घर पहुंचाया।

( अमृतसर, धीरज शर्मा ) । मेहनतकश और जोश से भरपूर पंजाबियों की धरती ने फिर एक बार समाज को अर्थपूर्ण संदेश दिया है। देश भर में कन्या भ्रूण हत्या ( Female Foeticide ) की घटनाओं के बीच यह खबर राहत भरी फुहार की तरह है, जब सुनने में आता है कि एक परिवार ने अपने घर और समाज के अंदर जुड़वा बेटियों ( Twin Girl Child ) के पैदा होने पर ऐसा जश्न मनाया कि दुनिया ही झूम उठी। अमृतसर ( Amritsar News ) में हुई इस घटना का महत्व और अर्थ इसलिए भी बढ़ जाता है कि जिस घर में पहले से एक बेटी मौजूद थी, फिर भी पत्नी जब गर्भवती हुई, तो दोनों ने यह सार्वजनिक इच्छा जताई कि उनकी तो इच्छा है कि भगवान उन्हें फिर से फूल सी प्यारी बेटी ही दे। ईश्वर ने भी उनकी पुकार सुनी और दंपत्ती की झोली में एक नहीं, दो फूल सी बच्चियां डाल दीं, जिनकी किलकारी से न सिर्फ घर का आंगन गूंजा, बल्कि समाज की बदलती सोच की महक भी फिजां में तैर गईं।

बैंड-बाजे से स्वागत, केक काटा

अमृतसर के इस परिवार ने जुड़वां बेटियों के जन्म पर समाज को नया संदेश दिया है। अस्पताल से घर आने पर परिवार ने नवजात बेटियों का शानदार स्वागत किया और केक काटकर मोहल्ले में मिठाई बांटी। बेटियों के जन्म पर किस्मत को कोसने वाले लोगों के लिए यह नसीहत दी अमृतसर के गोबिंद नगर स्थित चौड़ा बाजार में रहने वाले जतिंदर सिंह टोनी और पत्नी राजिंदर कौर ने। अब तीन बेटियों के पिता बन चुके जतिंदर सिंह टोनी और उनकी मां ने दोनों जुड़वां बेटियों को फूलों से सुसज्जित कार से घर पहुंचाया। घर भी फूलों एवं गुब्बारों से सजाया गया। जैसे ही बेटियों गोद में उठाकर जतिंदर सिंह घर पहुंचे, बैंड बाजों से उनका स्वागत हुआ।

फूलों से सजी गाड़ी से घर लाए नन्हीं परियां

घर के बाहर पंजाब की परंपरा के अनुसार सरसों का तेल चौया (डाला) गया गया। केक भी काटा गया। जतिंदर सिंह के अनुसार राजिंदर कौर से शादी के बाद मेरी यह दिली इच्छा थी कि पहली संतान के रूप में बेटी हो। मैंने गुरु घर से मन्नत भी मांगी थी। गुरु महाराज ने बेटी दे दी। बेटी का नाम मनमीत कौर माही रखा। माही अब सात साल की हो चुकी है। इसके बाद पत्नी फिर गर्भवती हुई तो हमने बेटी की ही इच्छा जाहिर की। परमात्मा की कृपा से एक साथ दो बेटियां हुईं। मैंने अपनी मां को फोन पर बता दिया था कि आप दो बेटियों की दादी बन गई। मां ने पूरे घर को सजा दिया। फूलों से सजी गाड़ी में पोतियों को घर लाई। आज मैं और मेरी पत्नी बेहद खुश हैं। मध्यम वर्गीय परिवार से संबधित जतिंदर सिंह को बधाइयां देने वालों का तांता लगा है। वहीं राजिंदर कौर ने कहा कि हम गुरु महाराज के शुक्रगुजार हैं, जिन्होंने बेटियां बख्शीं। हम इन्हें बेटों से ज्यादा प्यार देंगे।

 

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