स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

सालभर बाद भी नहीं सूखे परिजनों के आंसू, रावण दहन के समय गई थी 60 लोगों की जान

Prateek Saini

Publish: Oct 19, 2019 22:11 PM | Updated: Oct 19, 2019 22:11 PM

Amritsar

वह खूनी मंजर (Amritsar Joda Fatak Train Accident) भुलाए नहीं भूलता है, हादसे के घाव आज भी मानो हरे हैं...

(अमृतसर): सालभर पहले आज ही के दिन (19 अक्टूबर 2019) दशहरे मेले के दौरान पटरी पर दौड़ती तेज रफ्तार ट्रेन ने 60 लोगों की जान ले ली थी। अमृतसर के जोड़ा फाटक पर हुए इस हादसे के घाव आज भी हरे है। मृतकों के परिजन आज भी इंसाफ की आस में दर-दर भटक रहे हैं। बात करने पर उनका सब्र का बांध टूट गया और वह गिली आंखों से तबाही को उस मंजर को बयां करते नजर आए।


रेल हादसे में जान गंवाने वाले कृष्णा की मां विमला देवी ने रोते हुए कहा कि आज मेरे बेटे को मरे हुए 1 साल हो गया पर मुझे इंसाफ नहीं मिला, ना ही मुझे कोई पैसा मिला ना ही किसी का कोई सहारा। जो भी मिला सिर्फ दिलासा दिया और चला गया। मेरा एक ही बेटा था एक ही सहारा था वह छिन गया मैं कहां जाऊं किससे मिलूं क्या कोई मुझे इंसाफ देगा

 

सालभर बाद भी नहीं सूखे परिजनों के आंसू, रावण दहन के समय गई थी 60 लोगों की जान

जोड़ा फाटक रेल हादसे में मारे गए लोगों की आत्मिक शांति के लिए मृतकों के परिवारों के साथ मिलकर भाजपा ने श्री सुखमनी साहिब का पाठ करवाया। मृतकों के परिवार वालों ने कार्यक्रम में तो हिस्सा लिया पर रोते बिलखते हुए अपनी दास्तां मीडिया को बताई। यह परिवार सिर्फ एक ही बात कहते कि हमसे राजनीति मत करो हमें इंसाफ दो। भाजपा द्धारा रखे गए कार्यक्रम के बाद भाजपा और संघ के सदस्यों ने यहां पीड़ित परिवारों को राशन वितरण करना चाहा पर परिवारों में राजनीति के खिलाफ इतना गुस्सा था कि उन्होंने वह समान लेना तो दूर देखना भी पसंद नहीं किया और बोलते रहे कि हमें यह समान नहीं चाहिए हमें सिर्फ और सिर्फ इंसाफ दो। जो लोग इस हादसे के दोषी हैं उन्हें सजा दो और हमारे परिवारों को जो वादे किए हैं वादे के मुताबिक नौकरियां दो और सारे वादे पूरे करो।


इधर सुखमणि साहब का पाठ चलता रहा उधर सभी परिवार अपने परिवार से बिछड़े लोगों की याद में बिलखते दिखाई दिए। सिर्फ एक ही गम की उनको इंसाफ नहीं मिला। राजनीति यहां भी हावी रही। भाजपा इसे भुनाने की कोशिश करती रही पर शायद मृतक परिवारों के परिजनों का दर्द इतना गहरा था कि भाजपा इसे भुना नहीं पाए और कार्यक्रम कर उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ा।


पंजाब की ताजा ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

यह भी पढ़ें: Video: दशहरे का खूनी मंजर, ट्रेन की चपेट में आए थे 60 लोग, मदद को भटक रहे पीड़ित परिवार