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सिपाही ने मानवाधिकार आयोग में मांगी आत्महत्या करने की अनुमति, कहा इस वजह से जीवन हो गया है बेकार

Karishma Lalwani

Publish: Oct 15, 2019 16:11 PM | Updated: Oct 15, 2019 16:11 PM

Amethi

सिपाही ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से स्थानांतरण न होने पर आत्महत्या की अनुमति मांगी

अमेठी. जिले के पुलिस लाइंस में तैनात हृदय रोग से पीड़ित एक सिपाही इलाज के लिए घर के नजदीक स्थांनांतरण के लिए तीन साल से अर्जी लगा रहा है, लेकिन इस बीच उसकी सुनने वाला कोई नहीं। थक हार कर सिपाही ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (Human Rights Commission) से स्थानांतरण न होने पर आत्महत्या की अनुमति मांगी है।

आत्महत्या की दी अर्जी

इटावा जिले के शांति कॉलोनी निवासी महावीर सिंह कई सालों से जिले की पुलिस लाइंस में आरक्षी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उन्हें दो बार दिल का दौरा पड़ चुका है, जिससे कि उनकी तबियत लगातार खराब रहती है। पिछले तीन सालों में उन्होंने चार जनपदों का विकल्प देते हुए आईजी स्थापना व सीओ स्थापना जैसे उच्चाधिकारियों के साथ ही जिले के कई अधिकारियों को पत्र भेजा, लेकिन कहीं उनकी पीड़ा को नहीं सुना गया। हार कर उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर कानपुर, औरेया, कानपुर देहात तथा फर्रुखाबाद का विकल्प देते हुए वहां स्थानांतरण कराए जाने अथवा आत्महत्या की अनुमति प्रदान किए जाने की गुजारिश की।

महावीर सिंह के अनुसार, कई बार अधिकारियों से संपर्क साधने की कोशिश की गई लेकिन कोई उनकी सुनने वाला नहीं। अधिकारियों के रवैये से उनका जीवन बेकार हो गया है। कोई सुनने वाला नहीं है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याती गर्ग का कोई बयान अभी तक सामने नहीं आया है।

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