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स्मृति ईरानी का प्रयास, शैक्षिक प्रमाणपत्र, पासपोर्ट और वीजा में खत्म हो इसकी अनिवार्यता

Karishma Lalwani

Publish: Jul 26, 2019 14:34 PM | Updated: Jul 26, 2019 14:34 PM

Amethi

- Smriti Irani ने की पासपोर्ट और वीजा में पिता के नाम की अनिवार्यता खत्म करने की मांग

- अकेले बच्चों का पालन पोषण करने वाली महिलाओं की समस्या को दूर करने के लिए प्रयास

अमेठी. जिले की सांसद व केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने शैक्षिक प्रमाणपत्रों, पासपोर्ट और वीजा जैसे दस्तावेजों में पिता के नाम की अनिवार्यता खत्म करने का प्रयास किया है। यह कदम एकल, तलाकशुदा, विधवा या किसी कारणवश बच्चों का पालन पोषण अकेले कर रही महिलाओं की समस्या को देखते हुए उठाया गया है।

पहले लिखा था पत्र

उन्होंने बताया कि 2016-17 में मानव संसाधन विकास और विदेश मंत्रालय को उनके मंत्रालय ने पत्र लिखा था। इनमें उक्त संबंधित दस्तावेजों को बिना पिता के नाम के जारी करने का अनुरोध किया गया था। पत्र में कहा गया था कि मां व बच्चे की इच्छा होने पर पासपोर्ट और वीजा जैसे दस्तावेजों में पिता का नाम शामिल नहीं किया जाए। यह पत्र 15 अप्रैल, 2016 को लिखा गया था।

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इसके बाद इसी साल 24 अप्रैल को लिखे पत्र में बताया गया कि जब तलाकशुदा महिला अपने बच्चे का वीजा बनवाती है, तो उसे बच्चे के जैविक पिता से एनओसी लेनी होती है। इसमें कई तरह की दिक्कतें आती हैं। इसलिए संबंधित दस्तावेजों में किसी भी तरह की परेशानी को खत्म करने के लिए पिता का नाम दर्ज न करने की रियायत मिलनी चाहिए।