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अमेठी मामले में हुआ बड़ा खुलासा, पुलिस ने कहा 13 लाख देकर लूट की बात स्वीकारो, नहीं तो मार डालेंगे

Neeraj Patel

Publish: Oct 29, 2019 23:03 PM | Updated: Oct 29, 2019 23:08 PM

Amethi

जिले में यूको बैंक मैनेजर से हुई 26 लाख रुपए की लूट मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है।

अमेठी. जिले में यूको बैंक मैनेजर से हुई 26 लाख रुपए की लूट मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। पुलिस टॉर्चर से पिता की मौत होने का दावा करने वाले राहुल ने कहा कि पुलिस ने उसके घर पर छापा मारकर खूब उत्पात मचाया। पुलिस थाने लाकर उन पर खासा दबाव बना रही थी। पिता की पिटाई में शामिल पुलिस कर्मी उन पर 13 लाख रुपये देने का दबाव डाल रहे थे। बोल रहे थे कि 13 लाख रुपये देकर लूट की घटना को स्वीकार कर लो, नहीं तो तीनों को मार डालेंगे। कहा- थाने में पिता की हालत बिगड़ने पर उसने फोन से घर पर जानकारी दी।

पुलिस के पीटने से हुई मौत

जिले के पीपरपुर क्षेत्र में पिछले दिनों यूको बैंक के मैनेजर से दिनदहाड़े 26 लाख रुपये की लूट हुई थी। इस मामले में अज्ञात लुटेरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पीपरपुर थाने की पुलिस व क्राइम ब्रांच ने इसी मामले में मंगलवार तड़के करीब तीन बजे प्रतापगढ़ जिले के अंतू थाना क्षेत्र के बिराहिनपुर गांव के ऑटो पार्ट्स व्यवसायी सत्य प्रकाश शुक्ल (52) के घर दबिश दी। दरवाजा तोड़कर घर से सत्य प्रकाश व उनके बेटे राहुल व साहिल को हिरासत में लेकर थाने पहुंची। वहां पुलिस ने सत्य प्रकाश को उसके बेटों के सामने इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई।

परिवार ने पुलिस पर लगाया आरोप

परिवारीजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले घर में उत्पात मचाया। फिर थाने में सत्य प्रकाश को टॉर्चर करने के बाद जहर खिलाकर मार दिया। लोगों ने अस्पताल में ही हंगामा कर डाला। मौके पर पहुंचीं सुल्तानपुर एसपी डॉ. मीनाक्षी कात्यायन ने लोगों को समझाया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

एसपी ने दी सफाई

एसपी अमेठी डॉ. ख्याति गर्ग ने कहा कि यूको बैंक सत्य प्रकाश के घर में ही चलता था। लूट मामले में उसकी ओर से मुखबिरी की बात सामने आई थी। उसे व दो बेटों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया था। सत्यप्रकाश की तबीयत खराब होने पर सीएचसी भादर ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जहरीला पदार्थ खाने की बात कहकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसकी मौत हो गई है। उसने अपने बेटों से जहरीला पदार्थ खाने की बात भी स्वीकारी थी। यह हिरासत में मौत का मामला नहीं है। हमें उससे काफी क्लू भी मिले हैं। जिसके तहत कार्रवाई की जा रही है।

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