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केंद्रीय मंत्री स्मृति की घोषणा के बाद आशा बहुओं में खुशी की लहर, किया अब का सबसे बड़ा ऐलान

Ruchi Sharma

Publish: Sep 12, 2019 15:41 PM | Updated: Sep 12, 2019 15:41 PM

Amethi

इस दौरान उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशा बहुओं को पुरस्कृत किया

अमेठी. अमेठी दौरे के दूसरे दिन केंद्रीय मंत्री व सांसद स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने जवाहर नवोदय विद्यालय में आयोजित आशा सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंची। इस दौरान उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशा बहुओं को पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा कि उनकी सांसद निधि के कार्य के लिए आशा बहुएं भी प्रस्ताव दे सकती हैं। उन्होंने कहा कि श्री कृष्ण को जन्म देने वाली देवकी मैया से ज्यादा उनका पालन करने वाली यशोदा मैया का नाम है। हमारी आशा बहू समाज में यशोदा मैया का ही काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सांसद निधि पर जनता का हक होता है और मैं चाहती हूं कि आशा बहू अपने गांव में जिस किसी काम के लिए प्रस्ताव देना चाहें कानून और संविधान के दायरे में रहकर उसे कराया जाए।

वहीं कार्यक्रम के दौरान स्मृति ईरानी ने कहा कि इन 100 दिनों से 6 करोड़ से ज्यादा लोगो को किसान सम्मान निधि से जोड़ा गया है।आयुष्मान भारत के कार्ड को सभी तक पहुंचाने के लिए सीएमओ साहब अपना योगदान दें। स्मृति ईरानी ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से बच्चों को सीखने को मिलेगा। पिछले 100 दिन में मैंने अमेठी में 225 करोड़ की लागत के 210 कार्यक्रम कराए हैं। अमेठी में 550 करोड़ की लागत से रेलवे का काम हो रहा है। तो लगभग 800 करोड़ का काम 100 दिन में किया, ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि अमेठी की जनता का साथ मुझे मिला है। अमेठी की जनता 24 घंटे मुझसे मिल सकती है। यहां की जनता कभी भी दिल्ली में आकर मुझसे कभी भी मिल सकती है।

स्मृति ईरानी ने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि मैं यहां से सांसद हूं। यहां के लोगों ने मैसेज दिया कि उन्होंने सांसद नहीं दीदी को चुना है। मैंने बहनों को सम्मानित करते हुए उन्हें बधाई देते हूं। उन्होंने कहा कि ये लोग यशोदा से कम नहीं है। इन्हें कहीं सम्मान नहीं मिलता, फिर भी ये अपना काम पूरी लगन से करती हैं। अगर ये बहनें अपने गांव में कुछ करवाना चाहती हैं तो मुझे आदेश दें, मैं अपनी संसद निधि से इनका कार्य करूंगी। ये बहनें मुझे सीधे या तो पत्र दें या तो सीएमअो साहब के माध्यम से दें। बहनों का जो आदेश होगा, अगले 24 घंटे में उस पर काम शुरू होगा। जो भी काम कानून के दायरे में होगा, वो सब मैं इन बहनों के लिए करूंगीं।