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पंकज बेक सुसाइड केस: राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने डीजीपी और एसपी को जारी किया नोटिस, मांगा ये जवाब

Ram Prawesh Wishwakarma

Publish: Sep 13, 2019 20:09 PM | Updated: Sep 13, 2019 20:09 PM

Ambikapur

Pankaj Bek suicide case: पार्षद आलोक दुबे ने निष्पक्ष जांच के लिए पेश की थी शिकायत, पुलिस कस्टडी से भागकर चोरी के कथित आरोपी ने फांसी लगाकर आत्महत्या (Suicide) करने का मामला

अंबिकापुर. पुलिस कस्टडी से भागकर कथित रूप से पंकज बेक द्वारा आत्महत्या (Pankaj Bek suicide case) करने के मामले में भाजपा के वरिष्ठ पार्षद आलोक दुबे द्वारा राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के समक्ष निष्पक्ष जांच हेतु शिकायत पेश की गई थी। आयोग ने शिकायत को गम्भीरता से लेते हुए प्रदेश के पुलिस महानिदेशक व सरगुजा एसपी को नोटिस जारी किया है। नोटिस में विवेचना के दौरान का प्रतिवेदन 15 दिवस के भीतर देने कहा गया है।


गौरतलब है कि 13 लाख रुपए चोरी के एक मामले में पुलिस ने सूरजपुर जिले के अधिना-सलका निवासी पंकज बेक को पूछताछ के लिए बुलाया था। पुलिस के अनुसार पंकज बेक रात को कस्टडी से फरार हो गया था और कुछ देर बाद शहर के एक निजी चिकित्सालय परिसर में उसका शव फांसी पर झूलता मिला था।

मामले में पुलिसकर्मियों पर आरोप लगने की वजह से निष्पक्ष जांच की उम्मीद कम होने की आशंका को लेकर भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग में पुलिसकर्मियों के बयान, आरोपी इमरान का बयान व भाजपा जांच कमेटी द्वारा लिए गए बयान की कॉपी सहित शिकायत पेश की थी।

मामले को गम्भीरता से लेते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग द्वारा शिकायत को रजिस्टर्ड करते हुए छत्तीसगढ़ डीजीपी व एसपी सरगुजा को नोटिस जारी किया है। नोटिस के माध्यम से उन्हें 15 दिवस के भीतर आयोग के समक्ष उपस्थित होकर या किसी अन्य संचार साधन से सभी तथ्य तथा आरोपों पर की गई कार्रवाई से संबंधित सूचना प्रस्तुत करने कहा गया है।


जानकारी पेश नहीं करने पर शक्ति का करेंगे प्रयोग
राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग द्वारा संविधान के अनुच्छेद 338क के तहत नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही नोटिस में यह भी कहा गया है कि पत्र प्राप्त होने के 15 दिन के अंदर आयोग के समक्ष उत्तर पेश नहीं किया जाता है तो संविधान के अनुच्छेद 338 क के खण्ड(8) में प्रदत्त दीवानी अदालत की शक्तियों का प्रयोग कर सकते हैं। इसके साथ ही उपस्थिति के लिए समन भी जारी किया जाएगा।


आयोग ने रजिस्टर्ड कर ली है शिकायत
आयोग एक संवैधानिक संस्था है, उसके द्वारा मामले की अब तक की गई जांच की जानकारी मांगी गई है। मामले में शिकायत को आयोग द्वारा रजिस्टर्ड कर लिया गया है।
आलोक दुबे, पार्षद