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रायपुर में 2-बीएचके, 3-बीएचके फ्लैट दिलवाने के नाम पर 6 लोगों से ले लिए 30 लाख, जब फ्लैट दिखाने कहा तो...

Ram Prawesh Wishwakarma

Publish: Oct 15, 2019 19:35 PM | Updated: Oct 15, 2019 19:35 PM

Ambikapur

Chhattisgarh crime: खुद को रियल एस्टेट में बताया था कार्यरत, रायपुर के अविनाश कैपिटल होम्स-2 में फ्लैट बुकिंग के नाम पर लिए थे रुपए

अंबिकापुर. रायपुर में 2 BHK, 3 BHK फ्लैट दिलवाने के नाम पर 6 लोगों से 30 लाख रुपए की ठगी (Swindle) का मामला सामने आया है। पीडि़त इसकी शिकायत दर्ज कराने मंगलवार को कोतवाली पहुंचे थे। आरोपी ने खुद को रियल स्टेट रायपुर का कर्मचारी बताया था और वह अंबिकापुर का ही रहने वाला है। रुपए लेने के बाद आरोपी शहर छोड़कर फरार हो गया है। (Chhattisgarh crime)


अंबिकापुर के महामाया रोड निवासी विशाल अग्रवाल पिता स्व. जयप्रकाश अग्रवाल ने 9 माह पूर्व महामाया रोड निवासी राकेश पांडेय, पवन शुक्ला, सुब्रत दास, नवागढ़ निवासी शंकर विश्वकर्मा, सुभाष अग्रवाल, सचिन अग्रवाल से संपर्क कर बताया था कि मैं रायपुर रियल एस्टेट में कार्यरत हूं।

रियल एस्टेट द्वारा रायपुर के अविनाश कैपिटल होम्स-2 में फ्लैट बनना प्रस्तावित है। मैं आप लोगों को कम दर पर 3 बीएचके, 2-बीएचके का फ्लैट दिलवा दूंगा या रिंग रोड खरसिया नाका पर प्लॉटिंग कर प्लॉट दिलवा दूंगा।

विशाल अग्रवाल के झांसे में आकर राकेश पांडेय ने 2 लाख, पवन शुक्ला 5 लाख, सुब्रत दास 10 लाख, शंकर विश्वकर्मा 2 लाख, सुभाष अग्रवाल 8 लाख 50 हजार व सचिन अग्रवाल ने उसे 2 लाख 50 हजार दे दिए।


नहीं दिखाया रायपुर में फ्लैट
सभी लोगों ने फ्लैट (Flat) के लिए कुल 30 लाख रुपए विशाल अग्रवाल को दे दिए। रुपए देने के तीन माह बाद सभी ने उसे कहा कि रायपुर चलकर फ्लैट दिखा दो। इस पर उसने 14 अगस्त 2018 को चलने की बात कही। सभी लोग रायपुर जाने को तैयार थे, इसी बीच रात 10 बजे फोन कर बताया कि बिल्डर रायपुर से बाहर गया है।

15 दिन बाद बुलाया है। 15 दिन बाद पुन: संपर्क किया गया तो उसने बताया कि रायपुर जाना नहीं पड़ेगा, कुछ दिनों में सीधे रजिस्ट्री करा दी जाएगी। इस तरह वह लोगों को तरह-तरह का आश्वासन देता रहा। इससे लोगों को समझ में आ गया कि हम ठगी (Swindle) के शिकार हो गए हैं।


मोबाइल बंद कर हो गया फरार
ठगी (Swindle) का संदेह होने पर लोगों ने विशाल अग्रवाल पर रुपए वापस मांगने का दबाव बनाना शुरु किया तो वह 12 सितंबर 2018 को मोबाइल बंद कर फरार हो गया। जब उसके भाई ऋषभ अग्रवाल, अनमोल अग्रवाल एवं उसके चाचा राजकुमार अग्रवाल से लोगों ने संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि आप लोगों का पैसा नहीं डूबेगा।

हमारी उसके साथ पार्टनरशिप है। वह पैसा नहीं देगा तो हम लोग देंगे। एक माह बाद लोगों ने पुन: सपंर्क किया गया तो भाई व चाचा ने गाली-गलौज कर उन्हें भगा दिया। पीडि़तों ने मामले की शिकायत कोतवाली थाने में की है। मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

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