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Breaking News: पंकज बेक कस्टोडियल डेथ मामले की मजिस्ट्रियल रिपोर्ट आई सामने, रिपोर्ट में 'एंटी मॉर्टम हैंगिंग' का जिक्र

Ram Prawesh Wishwakarma

Publish: Sep 19, 2019 21:06 PM | Updated: Sep 19, 2019 21:06 PM

Ambikapur

Breaking News: 13 लाख रुपए की चोरी के मामले में पुलिस कर रही थी पूछताछ, निजी अस्पताल के कैम्पस में फांसी पर लटकी मिली थी लाश

अंबिकापुर. शहर के बहुचर्चित पंकज बेक कस्टोडियल डेथ (Custodial death) मामले में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की जांच रिपोर्ट आ गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआरपीसी की धारा 176(1)(अ) के तहत ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने इसकी जांच की थी। जांच रिपोर्ट में मृत्यु का कारण 'एंटी मॉर्टम हैंगिंग' को बताया गया है। पुलिस को रिपोर्ट मिल गई है।


21 जुलाई की रात मृतक पंकज बेक पुलिस कस्टडी (Custodial death) से भाग गया था। उसे एवं उसके साथी इमरान को पुलिस ने कुंडला सिटी में हुई चोरी के एक मामले में हिरासत में लिया था। पूछताछ के दौरान मृतक लघुशंका के बहाने बाहर निकला था। कुछ देर बाद उसकी लाश डीसी रोड स्थित डॉक्टर परमार के कैंपस में फांसी पर लटकती मिली थी।

पुलिस कस्टडी में हुई इस मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया था। राजनैतिक एवं सामाजिक दलों ने प्रदर्शन भी किए थे। कई लोगों का आरोप था कि पुलिस ने आरोपी को मारकर लटका दिया था। पुलिस भी इस मामले में चुप्पी साधे हुए थी। रिपोर्ट में मौत का जो कारण बताया गया है उसे देखने के बाद पुलिस महकमे ने राहत की सांस ली है।


पुलिस एनएचआरसी को भेजेगी रिपोर्ट
ऐसे मामलों की जांच रिपोर्ट एनएचआरसी (नेशनल ह्यूमन राइट कमीशन) को पुलिस महकमा भेजता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस इस रिपोर्ट को शुक्रवार को एनएचआरसी को भेजेगी।


परिवार समेत पुलिसकर्मियों के बयान किए दर्ज
जांच रिपोर्ट तैयार करने से पूर्व मजिस्ट्रेट ने प्रकरण से जुड़े लोगों को अपने बयान दर्ज कराने का पूरा अवसर दिया और लोगों के बयान दर्ज किए। इसमें मृतक के परिजन एवं प्रकरण में निलम्बित पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।


'एंटी मॉर्टम हैंगिंग' को ऐसे समझें
किसी व्यक्ति की मौत के कारण को जानने के लिए पोस्टमॉर्टम किया जाता है। जब लाश फांसी पर लटकती मिलती है तो आमतौर पर यह पता करने की कोशिश की जाती है कि व्यक्ति की मौत फांसी पर लटकने से हुई है या उसे मारकर लटका दिया गया है। यदि कोई व्यक्ति फंदे पर लटकने से पूर्व जिंदा होता है तो इसे न्यायिक चिकित्सा विज्ञान में एंटी मॉर्टम हैंगिंग कहा जाता है।


जांच फिर होगी शुरू
हमें ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की जांच रिपोर्ट मिल गई है। इसमें मृत्यु का कारण एंटी मॉर्टम हैंगिंग को बताया गया है। हमें केस डायरी भी मिल गई है। हम एक बार फिर इस मामले में विवेचना शुरू करेंगे।
आशुतोष सिंहए एसपी, सरगुजा

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