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यहां बाक्साइट खनन बंद होने की खबर से मचा हड़कंप, इधर कर्मचारी की पुत्री ने बालको दफ्तर के पीछे लगाई फांसी

Ram Prawesh Wishwakarma

Publish: Sep 14, 2019 18:25 PM | Updated: Sep 14, 2019 18:25 PM

Ambikapur

Breaking News: कार्य कर रहे सैकड़ों मजदूरों ने खनन व परिवहन का कार्य बंद नहीं करने प्रबंधन से लगाई गुहार, फांसी (Commits suicide) लगाने को लेकर तरह-तरह की चर्चा

अंबिकापुर. मैनपाट के ग्राम कुदारीडीह में स्थित बाक्साइट माइंस (Bauxite mines) में उत्खनन कार्य कर रही ठेका कंपनी द्वारा 10 अक्टूबर से उत्खनन कार्य बंद करने की सूचना से सैकड़ों मजदूर परेशान हैं। उनके सामने रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है।

इसी मामले को लेकर शनिवार को मजदूरों ने बालको कंपनी के प्रबंधक को 6 सूत्रीय मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपकर बाक्साइट खनन व परिवहन कार्य बंद न करने की गुहार लगाई है। इधर बालको (BALCO) कार्यालय में पदस्थ सप्लाई कर्मचारी की 14 वर्षीय पुत्री ने दफ्तर के पीछे बनी झोपड़ी में फांसी (Commits suicide) लगा ली। इस घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा हो रही है।


गौरतलब है कि कुदारीडीह स्थित बाक्साइट माइंस में खनन का कार्य करने वाली केएन सिंह एंड कंपनी ने 10 अक्टूबर से उत्खनन कार्य बंद करने की सूचना दी गई है। इससे खदान में कार्य करने वाले सैकड़ों मजदूरों में हड़कंप मच गया है। उत्खनन कार्य बंद करने के विरोध में शनिवार को एकजुट होकर मजदूरों ने बालको कंपनी के प्रबंधक अजय तिवारी को ६ सूत्रीय मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपा।

मजदूरों का कहना है कि मार्च-अप्रैल 2019 में उत्खनन ठेकेदार व बालको कंपनी द्वारा यह कहते हुए खनन कार्य प्रारंभ किया गया था कि लगातार 5 से 7 साल तक बिना किसी अवरोध के खनन व परिवहन कार्य मजदूरों द्वारा कराया जाएगा। लेकिन मात्र 5-6 माह में ही कार्य बंद किए जाने की सूचना दी जा रही है, जिसका हम सभी विरोध करते हैं। खदान में कार्यरत 400 से अधिक मजदूर इस सूचना से परेशान हैं।


श्रमिकों का ये कहना है
श्रमिकों का कहना है कि बाक्साइट माइंस में 100 से 150 स्थानीय ट्रकों को परिवहन के लिए काम मिला है, यदि कार्य बंद किया जा रहा है तो वर्ष 2016-17 से वर्तमान तक की देनदारी का भुगतान तत्काल किया जाए। वर्ष 1992-93 से कुदारीडीह में उत्खनन कार्य किया जा रहा है, इस दौरान खदान क्षेत्र में बड़े-बड़े गड्ढे कर छोड़ दिए गए हैं, वहां समतलीकरण किया जाए।

उत्खनन कार्य बंद होने से मजदूरों के समक्ष भूखों मरने की स्थिति निर्मित हो जाएगी। इन्हीं सब परिस्थितियों के मद्देनजर श्रमिकों ने प्रबंधन से उत्खनन व परिवहन कार्य बंद नहीं करने की गुहार लगाई है।

ज्ञापन सौंपने वालों में गोविंद यादव, चन्दर साय, भोला यादव, अजय एक्का, नितिन श्रीवास्तव, अशोक, सोनसाय मांझी, वेदप्रकाश चौधरी, रमाशंकर यादव, जेठू पैंकरा, संतोष पैंकरा, माधवशंकर यादव, कमलेश यादव, नान्हक यादव, कमलेश यादव, ट्रक मालिकों की ओर से परमानंद सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रमिक शामिल रहे।


इधर एक कर्मचारी की बेटी ने फांसी लगाकर दे दी जान
माइंस बंद होने की सूचना मिलने पर सैकड़ों मजदूर व कर्मचारियों के समक्ष परिवार की आजीविका का संकट गहरा गया है। इन सबके बीच कुदारीडीह स्थित बालको कार्यालय में सप्लाई में काम करने वाले कर्मचारी मान सिंह की 14 वर्षीय पुत्री प्रेमा ने शनिवार की दोपहर बालको दफ्तर के पीछे झोपड़ी में फांसी (Commits suicide) लगाकर जान दे दी।

इसकी सूचना मिलने पर परिजन भागते हुए मौके पर पहुंचे। बेटी का शव देखकर परिजन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वहीं घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को उतरवाकर पीएम के लिए अस्पताल भेजा। मामले में पुलिस मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है।

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