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स्वास्थ विभाग की बड़ी लापरवाही, समुचित इलाज के अभाव में नवजात की गई जान

Karishma Lalwani

Publish: Jul 17, 2019 19:15 PM | Updated: Jul 17, 2019 19:15 PM

Ambedkar Nagar

- पैसे न मिलने पर नवजात का नहीं हुआ इलाज

- परिजनों ने नर्स पर लगाया लापरवाही का आरोप

- आईसीयू में नहीं किया बच्चे को भर्ती

अम्बेडकर नगर. प्रदेश में स्वास्थ विभाग की चरमराई व्यवस्था पटरी पर आने का नाम नही ले रही है। सरकार की तमाम योजनाओं और निःशुल्क चिकित्सा सुविधा के बावजूद आए दिन मरीजों को अस्पतालों में भ्रष्टाचार का शिकार होना पड़ रहा है और इसमें कई बार मरीज की जान भी चली जाती है। इस बार एक नवजात बच्चे को दुनिया में आते ही अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है।

एक बार फिर जिला अस्पताल में स्टाफ नर्स की लापरवाही के कारण एक नवजात बच्चे की मौत हो गई है। परिजनों ने आरोप लगाया कि स्टाफ नर्स को पैसा न देने की एवज में लापरवाही बरती, जिससे नवजात बच्चे की तबियत बिगड़ी और मौत हो गई।

ये है पूरा मामला

मामला अम्बेडकरनगर जिले के जिला अस्पताल का है, जहां अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के महेश कुमार वर्मा अपनी पत्नी का प्रसव कराने के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करवाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि डिलीवरी के समय स्टाफ नर्स ने दो हजार रुपये लिए थे और फिर एक हजार की मांग बार बार स्टाफ नर्स कर रही थी, लेकिन पैसा न देने पर हमारे बच्चे को आईसीयू में भर्ती नहीं कराया। महेश वर्मा का कहना है कि जब बच्चे की तबियत बिगड़ने लगी और नर्स से डॉक्टर के पास ले जाने के लिए कहा गया तो उसने मना कर दिया और कहा खुद दिखा कर आओ। महेश कुमार ने बताया कि उनका बच्चा ठीक ठाक था, कल शाम से उसे बुखार हो रहा था। नर्स से बार बार कहने के बावजूद कोई डॉक्टर देखने नहीं आया और हमारे बच्चे की मौत हो गई ।

इस बड़ी लापरवाही पर स्वास्थ अधिकारी रटा रटाया जवाब

इस मामले में जब जिला अस्पताल के सी एम् एस एसपी गौतम से बात की गई तो जैसा पहले अन्य मामलों में पल्ला झाड़ने के लिए जवाब मिलता रहा है, वैसा ही जवाब फिर दिया गया। उन्होंने बताया कि अस्पताल में सारी व्यवस्थाएं फ्री रहती है। किसी चीज का पैसा नहीं लिया जाता है और अगर ऐसा है तो हम इसकी जांच कराएँगे और जो भी दोषी होगा कार्यवाही की जायेगी।