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गौवंशों की मौत के बाद प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, इन बड़े अधिकारियों को पद से हटाया, फिर दिए ये आदेश

Ruchi Sharma

Publish: Jul 18, 2019 17:27 PM | Updated: Jul 18, 2019 17:31 PM

Ambedkar Nagar

-डीएम हुए सख्त

-वीडीओ और पशु चिकित्सा अधिकारी को हटाया

-जांच शुरू

 

 

इटावा. जिले के बसरेहर विकासखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत परौली रमायन गौशाला में 9 गौवंशों की मौत पर डीएम ने पशु चिकित्साधिकारी और बीडीओ को तत्काल प्रभाव से हटाया।


गौशाला में गौवंशों की मौत की सूचना पर डीएम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया । इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि क्षमता से अधिक गौवंशों को अन्य गौशालाओं में भेजा जाए जिससे उन्हें सुरक्षित रखा जा सके । इस दौरान रजिस्टर में गलत सूचना दर्ज करने पर पशु चिकित्साधिकारी डा. मंजू दोहरे को तत्काल पद से हटाने के निर्देश दिए। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव पशुधन को भी पत्र लिखने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा बीडीओ अतुल यादव को उनके पद से हटाकर सहायक अर्थ एवं संख्या अधिकारी के पद वापस भेज दिया गया। पीडी डीआरडीए उमाकांत त्रिपाठी को बीडीओ बसरेहर का चार्ज सौंपा गया है। इस पूरे मामले में लापरवाही बरतने पर डीएम ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।


गौशाला के निरीक्षण पर पहुंचे डीएम जे.बी.सिंह ने गौवंशों का हाल जाना। इस दौरान उन्हें बताया गया कि 9 गौवंशों की मौत हुई हुई जबकि सात गौवंश बीमार है। गौशाला में वर्तमान समय में 1024 गौवंश मौजूद है। जिनमें से 198 गौवंश अपनी जीवन आयु पूरी कर चुके हैं। जिसके चलते वह बीमार है। इस पर डीएम ने निर्देश दिए कि इन गौवंशों को अलग रखा जाए और इनकी समुचित जांच-पड़ताल की जाए।


जिलाधिकारी ने आदेश देते हुए कहा कि त्वरित गौशाला में भरे पानी पर बालू डालकर ईंट का रास्ता बना दिया जाए। इसका निरीक्षण वह खुद करेंगे। मृत गौवंशो के शवों को बिना पोस्टमार्टम किए ही गौशाला में दफना दिया गया तो उन्होंने कहा इस मामले में जो भी दोषी होंगे उनकी जांच की जा रही है।
दो दिन के अंदर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

 

उन्होंने कहा कि गौशाला में 198 गौवंश अपनी उम्र सीमा के करीब है जिस कारण वह बीमार है। और इसी कारण से उनकी मौत हो रही है। उन्होंने गौवंशों के लिए 50 बीघा सरकारी जमीन पर लगे हरे चारे का भी निरीक्षण किया।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह एक अच्छा कार्य है और इससे गौशाला में पूर्ति न हो रही है तो और सरकारी जमीन पर हरा चारे की पैदावार करे जिससे गौवंश अधिक हरा चारा मिल सके। इससे गौवंश चारे के लिए किसानों के खेतों की तरफ रुख नहीं करेंगे। जिससे उनकी फसलें सुरक्षित रहेंगी।


इटावा जिले के बसरेहर विकासखंड के ग्राम परौली रामायन में स्थित जिले की सबसे बड़ी गौशाला में गौवंशो की मौत का सिलसिला जारी है। जब से गौशाला का निर्माण किया गया है तब से 900 के आसपास गौवंशों की मौत हो चुकी है। गौवंशों की मौत का राज बाहर ना आये इसलिए मीडिया के प्रवेश पर पांबदी लगा दी गई है। जिसमें रोज गौवंशों की मौत हो रही है। गौवंशों की मौत पर जिला प्रशासन पूरी तरीके से मौन बैठा हुआ है। जिसका कारण यही है कि गोवंशों की मौत में रोज इजाफा होता जा रहा है।


पिछले दिनों इस गौशाला में हो रही गायों की मौत से गौशाला में उनके पड़े शव सड़ते हुए देखे जाने के बाद उन्हे कुत्ते नौच-नौच खाते रहे।