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कैमरे में कैद हुआ प्रदेश के इस बड़े विभाग का भ्रष्टाचार, योगी सरकार की सख्ती का भी नहीं पड़ रहा असर

Nitin Srivastva

Publish: Jul 03, 2019 10:53 AM | Updated: Jul 03, 2019 10:53 AM

Ambedkar Nagar

अम्बेडकर नगर जिले के सिंचाई विभाग में भ्रष्टाचार का खेल बड़े पैमाने पर चल रहा है...

अम्बेडकर नगर. प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बनी सरकार की तरफ से भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लगातार दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इसका खास प्रभाव किसी भी विभाग में होता दिखाई नही पड़ रहा है। सरकार का महत्वपूर्ण सिंचाई विभाग, जिसके जरिये सरकार करोड़ों रूपये खर्च कर अन्नदाता किसानों के लिए सिंचाई की व्यवस्था कराती है। अम्बेडकर नगर जिले के इसी सिंचाई विभाग में भ्रष्टाचार का खेल बड़े पैमाने पर चल रहा है। इसी की पड़ताल की गई तो हकीकत सामने आ गई।

 

माइनरों की सफाई के लिए बेंचे जा रहे टेंडर से खुली पोल

किसानों के खेतों की सिचाई के लिए गांव-गांव में फैले नहरों के जाल की सफाई सरकार हर साल कराती है, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाती है। अंबेडकर नगर में इसी टेंडर फार्म को बेंचने के नाम पर विभाग में लूट मची है। जब ठेकेदार बनकर टेंडर फार्म मांगा गया तो 52 रुपये और 85 रुपये के टेंडर फार्म के सीधे पांच सौ रुपये की मांग की गई। भ्रष्टाचार की ये पूरी कहानी कैमरे में कैद हो गई। सिचाई विभाग में तैनात सब डिवीजन कलर्क नीलाम्बुज पांडे, जिनको टेंडर का फार्म बेचने का अधिकार है, पर इन्होंने सरकारी फार्म को सरकारी रेट की जगह अपने दाम फिक्स कर दिए हैं। सिचाई विभाग में तैनात दूसरे सब डिवीजन के क्लर्क दुर्गेश कुमार भी इसी दर से टेंडर बेंचते नजर आए। जब उनसे टेंडर फार्म का दाम पूछा गया तो बेधड़क होकर उन्होंने भी एक फार्म का 500 रूपया बताया। जब इनसे भी फार्म का सरकारी दाम पूछा गया तो उन्होंने आगे कुछ नहीं बताया, पर इतना जरूर कहा की दाम दरवाजे पर चिपका हुआ है।

 

बड़े अधिकारी की शह पर चल रहा है यह खेल

सिंचाई विभाग में फैले इस भ्रष्टाचार के बारे जब इस विभाग के अधिशाषी अभियंता बृजेश चंद्र लाल से बात करने का प्रयास हुआ तो उन्होंने कैमरे पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया और तरह-तरह की कहानी गढ़ते नजर आए। हालांकि उनकी यह कहानी भी खूफिया कैमरे से बची नहीं रही।