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बसपा नेता की घर में घुस कर हत्या, अंधाधुंध गोलियों की बौछार कर छलनी किया शरीर, 6 घण्टे बाद शव को कब्जे में ले पाई पुलिस

Akansha Singh

Publish: Jul 20, 2019 08:00 AM | Updated: Jul 20, 2019 08:00 AM

Ambedkar Nagar

खाकी से बेखौफ मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने बसपा नेता की दिनदहाड़े घर मे घुस कर अंधाधुंध गोलियों की बौछार कर हत्या कर दी।

अम्बेडकर नगर. खाकी से बे खौफ मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने बसपा नेता राम चन्द्र जयसवाल की दिनदहाड़े घर मे घुस कर अंधाधुंध गोलियों की बौछार कर हत्या कर दी। मामला बसखारी थाना क्षेत्र के शुकुल बाजार का है, जहां बसपा नेता राम चन्द्र जयसवाल को उन्हीं घर में घुसकर मोटर साइकिल सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। बसपा नेता की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गयी है। मौके पर पहुंचे प्रशासन से भीड़ की तीखी झड़प भी हुई और परिजनों ने जम कर हंगामा काटा। लोगों के बीच आक्रोश इतना था कि घटना के तकरीबन 6 घण्टे बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेने में सफलता पाई। दिन दहाड़े हुई इस वारदात ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बसपा नेता राम चंदर जायसवाल क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यवसाई भी रहे हैं और उनकी मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।


प्रदेश सरकार के दावे हो रहे हैं झूठे साबित
सूबे के मुखिया एक तरफ तो कानून व्यवस्था को चुस्त करने के लिए ताबड़तोड़ इनकाउंटर करा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ बेखौफ अपराधी पुलिस से लेकर नेता और व्यवसायियों पर गोलियां बरसा रहे है। बसखारी थाना क्षेत्र शुकुल बाजार निवासी बसपा नेता राम चन्द्र जयसवाल दोपहर खाना खाने के बाद अपने घर के कमरे में सो रहे थे कि दो मोटरसाइकिल सवार पहुंच कर ताबड़ तोड़ गोलियां बरसा कर छलनी कर दिया। घायल अवस्था मे परिजन लेकर सीएचसी पहुँचे जहाँ डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।


मृतक को लेकर भीड़ ने काटा जमकर हंगामा
मृतक राम चन्द्र जयसवाल बसपा नेता के साथ साथ जिले के जाने माने व्यवसाई भी थे ,शुकुल बाजार में अपना कार्यालय बना कर व्यसाय चलाते थे,राम चन्द्र के हत्या की खबर फैलते ही उनके आवास पर लोगों का मजमा लग गया और व्यापारियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गयी।। परिजनों ने शव को घर बाहर ले जाने पर रोक लगा दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। कई बार भीड़ और पुलिस में तकरार भी हुई।


बसपा ने सरकार पर उठाए सवाल
हालात को देखते हुए मौके पर पहुंचे डीएम राकेश कुमार मिश्राऔर एसपी वीरेंद्र कुमार मिश्रा ने कई थानों की फोर्स बुला ली, लेकिन भीड़ डटी रही। शव को कब्जे में लेने के लिए विरोध होने के कारण कड़ी मशक्तत करनी पड़ी। तकरीबन 6 घन्टे चले उठा पठक के बाद आखिर में बसपा के पूर्व सांसद व जोनल कोआर्डिनेटर त्रिभुवन दत्त और कुछ ब्यापारी नेताओं की पहल पर पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। त्रिभुवन दत्त ने प्रदेश सरकार पर सवाल खड़ा करते हुए कहाकि मुख्यमंत्री से प्रदेश सम्हल नही रहा है और आएदिन आपराधिक घटनाएं हो रही हैं।