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वेतन नहीं दिया तो अस्पताल में दो घंटे तक काम बंद

Subhash Raj

Publish: Oct 21, 2019 23:35 PM | Updated: Oct 21, 2019 23:35 PM

Alwar

अलवर . जिला अस्पताल में सोमवार सुबह से ही वार्ड बॉय, कम्प्यूटर ऑपरेटर व स्वीपर हड़ताल पर चले गए। सभी सुबह 9 बजे से 11 बजे तक हडताल पर रहे। वे पिछले महीनों के बकाया वेतन के साथ साथ वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे थे।

इससे सामान्य चिकित्सालय, गीतानंद शिशु चिकित्सालय, जनाना अस्पताल की व्यवस्था चरमरा गई। कम्प्यूटर नहीं चलने से मरीजों की पर्चियां नहीं बन पाई। इससे अस्पताल में मरीजों की लंबी कतार लग गई। वार्ड में साफ सफाई का काम भी प्रभावित हुआ। व्यवस्थाओं को संभालने के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से नर्सिंग स्टाफ व नर्सिंग स्टूडेंट को लगाया गया। जिन्होंने हाथ से पर्चियां काटी।

हडताल करने वाले वार्ड बॉय, स्वीपर व कम्प्यूटर ऑपरेटर का कहना था कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो प्रतिदिन दो घंटे की हडताल की जाएगी। प्रमुख चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर उनसे बातचीत कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।

प्रत्येक दो महीने में एक बार करते हैं काम बंद: अस्पताल में अक्सर हर दो महीने में किसी ना किसी मुददे को लेकर ये हडताल पर रहते हैं। इसमें खास बात यह है कि वार्ड बॉय व कम्प्यूटर ऑपरेटर का ठेकेदार अलग है जबकि सफाई कर्मियों का ठेकेदार अलग है। लेकिन जब हडताल होती है तो दोनों ही एक हो जाते हैं। ठेके पर लगे वार्ड बॉय, स्वीपर व कम्प्यूटर ऑपरेटर का भुगतान संबंधित ठेकेदार को किया जाता है। ठेकेदार को ही पूर्व का भुगतान कर दिया है, शेष भुगतान भी आज खाते में डाल दिया है। हम इनका वेतन नहीं बढा़ सकते। व्यवस्था संभालने के लिए नर्सिंग स्टाफ व नर्सिंग स्टूडेंट ने पर्चियां काटी। डाक्टर सुनील चौहान, प्रमुख चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, अलवर।