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प्रशासन जागा तब तक चल चुकी थी हरियाली पर कुल्हाड़ी

Pradeep kumar yadav

Publish: Oct 23, 2019 08:00 AM | Updated: Oct 23, 2019 02:28 AM

Alwar

दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस हाइवे के लिए निर्माण कम्पनी ने बिना अनुमति रैणी क्षेत्र में काट दिए बड़ी संख्या में हरे पेड़

अलवर/रैणी. महाराष्ट्र में मेट्रो प्रोजेक्ट के नाम पर आरे के जंगल में हजारों पेड़ काटने और सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद पेड़ों की कटाई रोकने की कार्रवाई की तरह ही अलवर जिले में भी दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस हाइवे के नाम पर निर्माण कम्पनी ने रैणी तहसील क्षेत्र में बड़ी संख्या में हरे पेड़ काट दिए। खास बात यह कि प्रशासन को विकास के नाम पर हरियाली पर कुल्हाड़ी चलने का पता चला तब तक क्षेत्र में बड़ी संख्या में हरे पेड़ कट चुके थे।
अलवर जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस हाइवे वे रामगढ़, लक्ष्मणगढ़ व रैणी तहसील क्षेत्र से गुजरेगा। इसके लिए तीनों तहसीलों के ५२ गांवों की जमीन अवाप्त की जा चुकी है और मुआवजा वितरण की कार्रवाई जारी है। एक्सप्रेस हाइवे निर्माण का कार्य अभी जिले में गति नहीं पकड़ पाया है, लेकिन रैणी क्षेत्र में निर्माण कार्य के लिए पेड़ आदि काटने की कार्रवाई शुरू की जा चुकी है। पिछले कई दिनों से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस हाइवे के लिए जमीन अधिग्रहण का कार्य अलवर जिले में राजगढ़-रैणी सडक़ मार्ग पर चल रहा है। इसमें हाइवे निर्माता कम्पनी केसीसी बिल्डकॉन प्राईवेट लिमिटेड के कर्मचारियों ने पिछले कई दिनों से हजारों बड़े पेड़ों को बड़ी-बड़ी एलएनटी मशीनों से धराशाई कर दिया। खास बात यह रही कि प्रशासन को न तो हाइवे निर्माण कम्पनी की ओर से इस तरह की कोई जानकारी दी गई और न ही प्रशासन को क्षेत्र में बड़ी संख्या में हरे पेड़ काटने की जानकारी मिल पाई। निर्माण कम्पनी के कर्मचारियों से पेड़ काटने की अनुमति के बारे में पूछा गया तो वे जवाब नहीं दे पाए।
पत्रिका में पेड़ काटे जाने की खबर सामने आने के बाद अधिकारियों की नींद खुली और उसके बाद पेड़ों की कटाई पर रोक लगाई जा सकी। तब तक क्षेत्र में बड़ी संख्या में हरे पेड़ काटे जा चुके थे।