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सावधान! राजस्थान में यहां 170 रुपए किलो बिक रहा सफेद जहर, होटल-ढबों में ज्यादा इस्तेमाल

Lubhavan Joshi

Publish: Sep 20, 2019 15:04 PM | Updated: Sep 20, 2019 15:04 PM

Alwar

बाजार में खुलेआम सिंथेटिक पनीर बनाया और बेचा जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग मौन है।

अलवर. सावधान...! कहीं, आप सिंथेटिक दूध और पनीर तो नहीं पी-खा रहे हैं। कारण है कि अलवर जिले में सिंथेटिक दूध और पनीर का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। अवैध कारोबारी सस्ते का लालच देकर अधिक मुनाफा बटोर रहे हैं। जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे इन अवैध कारोबारियों के खिलाफ जिम्मेदार अधिकारी भी कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं।

यहां खूब तैयार हो रहा सिंथेटिक दूध-पनीर

अलवर जिला सिंथेटिक दूध, पनीर और मावे की मंडी बन चुका है। जिले के रामगढ़ रोड, नौगांवा, बड़ौदामेव, गोविंदगढ़, कटोरीवाला तिबारा, छठी मील, पापड़ी स्टैण्ड, चिकानी, किशनगढ़बास, तिजारा और बहरोड़ रोड पर कई डेयरी और कारखाने हैं। जहां सिंथेटिक दूध और पनीर तैयार कर बाजार में सप्लाई कर रहे हैं।

बढिय़ा पनीर 300 रुपए किलो, सिंथेटिक 170 में ही

शहर के प्रतिष्ठित मिष्ठान विक्रेताओं के अनुसार वर्तमान में दूध का भाव 50 रुपए प्रति लीटर है। 5 लीटर दूध में करीब 1100 ग्राम पनीर तैयार होता है। बाजार में बढिय़ा पनीर की रेट 300 रुपए प्रति किलो है, जबकि अवैध कारोबारी सिंथेटिक दूध से तैयार पनीर 170-180 रुपए प्रति किलो की रेट से बेच रहे हैं। इतना ही नहीं इस रेट में पनीर की होम डिलीवरी तक दे रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग कर रहा खानापूर्ति की कार्रवाई

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इन अवैध कारोबारियों से पूरी तरह से साजबाज हैं। यही कारण है कि जिले में सिंथेटिक दूध और पनीर कारोबार के खिलाफ गंभीरता से कार्रवाई नहीं की जाती है। जब भी कोई अभियान चलता है तो विभाग इन अवैध कारोबारियों के खिलाफ खानापूर्ति की कार्रवाई कर इतिश्री कर लेता है।

होटल-ढाबों और फास्ट फूड में ज्यादा इस्तेमाल

सस्ता और सिंथेटिक पनीर होटल-ढाबों और शहर व कस्बों में जगह-जगह लगने वाली फास्ट फूड की रेहडिय़ों पर ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। यहां लोग बड़े स्वाद से चटकारे लेकर सिंथेटिक पनीर खाते नजर आते हैं।