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राजस्थान में यहां डेंगू से ज्यादा इस घातक बीमारी का खतरा, बीमारी की पहचान में आ रही परेशानी

Lubhavan Joshi

Publish: Dec 11, 2019 16:56 PM | Updated: Dec 11, 2019 16:56 PM

Alwar

इस साल डेंगू से ज्यादा स्वाइन फ्लू से मौतें हुई है। स्वाइन फ्लू की पहचान में परेशानी के चलते मरीज सही इलाज नहीं करा पाते।

अलवर. इस बार लोगों को इस बार डेंगू से ज्यादा स्वाइन फ्लू का डर सता रहा है। इसका कारण है कि डेंगू से जिले में दो व स्वाइन फ्लू से इस वर्ष 5 जनों की मौत हो चुकी है। चिकित्सा विभाग का भी ज्यादा ध्यान डेंगू पर है। जबकि सर्दी का मौसम शुरू होने के बाद स्वाइन फ्लू का खतरा बढऩे की आशंका रहती है।

पिछले साल के मुकाबले इस बार जिले में दोगुने स्वाइन फ्लू रोगी मिले हैं। इस साल स्वाइन फ्लू से 5 मौतें हो चुकी है। जबकि डेंगू से मरने वालों की संख्या मात्र 2 ही है। हालांकि अलवर में इस साल मलेरिया के मामले पिछले सालों के मुकाबले कम आए रहे हैं। सामान्य चिकित्सालय में प्रतिदिन करीब 60 से 70 मरीज मलेरिया की जांच करवा रहे हैं।
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार जनवरी से लेकर नवंबर माह तक स्वाइन फ्लू के करीब 95 पॉजीटिव मामले सामने आए हैं। जबकि पिछले साल इनकी संख्या करीब 54 थी । डेंगू के इस साल करीब 885 नमूने लिए गए। इसमें से अभी तक 634 केस पॉजीटिव पाए गए। इसमें से 2 की मौत हुई है। पिछले साल 472 मामले पॉजीटिव आए थे। इसी तरह से स्कब्र टाइफस के जनवरी से नवंबर माह तक 136 मामले सामने आए हैं। जबकि पिछले साल इसकी सख्ंया 127 ही थी। मलेरिया के जनवरी से नवंबर तक 89 मामले ही सामने आए हैं जबकि पिछले साल इसकी संख्या 152 थी।

स्वाइन फ्लू की पहचान में आ रही है परेशानी

स्वाइन फ्लू को पहचानने में देरी के चलते अक्सर लोग इसका शिकार हो रहे हैं। इसके शुरआती लक्षण नाक बहना, गले में खरास, सांस लेने में परेशानी से होते हैं। अक्सर लोग इसे वायरल या सर्दी की परेशानी समझते हुए नजर अंदाज कर देते हैं। इससे स्वाइन फ्लू पॉजीटिव होने का अंदेशा बढ़ जाता है। वहीं लापरवाही बरतने से मौत भी हो सकती है।

मौसमी बीमारी डेंगू, स्वाइन फ्लू आदि को लेकर विभाग लगातार सावधानी बरत रहा है। ये रोग सावधानी से ही रोके जा सकते हैं। स्वाइन फ्लू के लक्षण सामान्य तौर पर सर्दी जुकाम के जैसे ही होते हैं। पहचानने में देरी हो जाती है। स्वाइन फ्लू से जो मौते हुई है वो पहले हुई थी। अब इस तरह की परेशानी नहीं है। मलेरिया के मामले नहीं आ रहे हैं। डेंगू से मौतें बहुत कम है हमारे अस्पताल में कोई मौत नहीं हुई है।
डॉ. ओपी मीणा, सीएमएचओ, अलवर

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