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रामगढ़ चुनाव में बसपा ने बिगाड़ा भाजपा व कांग्रेस का गणित, इस बार है त्रिकोणीय मुकाबला

Hiren Joshi

Publish: Jan 28, 2019 09:05 AM | Updated: Jan 28, 2019 09:05 AM

Alwar

रामगढ़ में बसपा की ओर से पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह के बेटे जगत सिंह को मैदान में उतारने से मुकाबला कड़ा हो गया है।

रामगढ विधानसभा चुनाव में इस बार कांग्रेस व भाजपा त्रिकोणीय मुकाबले में उलझी हैं। यहां बसपा ने ऐन मौके पर पूर्व विधायक जगतसिंह को चुनाव मैदान में उतार दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों का चुनावी गणित गड़बड़ा दिया है। यही कारण है कि मतदान से एक दिन पूर्व भी क्षेत्र में चुनावी तस्वीर साफ नहीं हो पाई है।

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले रामगढ़ में हो रहे विधानसभा चुनाव से कांग्रेस, भाजपा व बसपा की प्रतिष्ठा जुड़ी है। विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश में यह पहला बड़ा चुनाव है। इस चुनाव के परिणाम विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश में बन रहे राजनीतिक परिदृश्य का परिचायक होंगे। यही कारण है कि राजनीतिक क्षेत्र में रामगढ़ चुनाव को लोकसभा चुनाव से पूर्व राज्य की कांग्रेस सरकार का फ्लोर टेस्ट माना जा रहा है।

बसपा की सेंध ने बढ़ाई चिंता

रामगढ़ में प्रमुख दलों की चिंता बसपा की रणनीति ने बढ़ा दी है। ज्यादातर बार यहां चुनावी मुकाबला कांग्रेस व भाजपा के बीच रहा। इस कारण कभी कांग्रेस तो कभी भाजपा जीत दर्ज कराती रही। यही कारण है कि यहां की राजनीति भी दो धु्रवीय रही। इस बार बसपा ने पूर्व विधायक जगत सिंह को रामगढ़ से बसपा प्रत्याशी बनाकर क्षेत्र में नई राजनीति की शुरुआत की है। पहली बार क्षेत्र में बसपा की दमदार मौजूदगी ने दोनों ही प्रमुख दलों को अपनी चुनावी रणनीति बदलने को मजबूर कर दिया। चुनाव प्रचार में फूंक फूंक कर कदम रखने के बाद भी कांग्रेस व भाजपा की चिंता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी है।