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राजस्थान पुलिस के पुलिसकर्मियों को नहीं चलाने आते आधुनिक हथियार! पुलिस महानिदेशक ने जताई चिंता

Lubhavan Joshi

Publish: Sep 16, 2019 12:36 PM | Updated: Sep 16, 2019 12:36 PM

Alwar

Rajasthan Police Modern Weapons : राजस्थान के पुलिसकर्मियों को आधुनिक हथियार चलाना नहीं आता है। अब यह पुलिस के लिए चिंता का विषय बन गया है।

अलवर. राजस्थान पुलिस के पास भले ही 23 प्रकार के हथियार हों, लेकिन इनमें से आधे से ज्यादा हथियार ज्यादातर पुलिसकर्मियों को चलाने नहीं आते हैं। बहरोड़ की घटना के बाद इस पर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) एमएल लाठर ने विशेष चिंता जताई है। लाठर ने राज्य के सभी जिला पुलिस अधीक्षक और पुलिस ट्रेनिंग स्कूल के कमांडेंट को पुलिसकर्मियों को हथियारों के बारे में विशेष प्रशिक्षण के आदेश दिए हैं।

पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) एमएल लाठर ने आदेश में स्पष्ट लिखा है कि राजस्थान पुलिस के पास सामान्य और आधुनिक प्रकार के 23 हथियार हैं। इनमें से कई आधुनिक हथियार ऐसे हैं, जिनके बारे में पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण और जानकारी का अभाव है। सभी जिलों और पुलिस ट्रेनिंग स्कूलों में कांस्टेबल से लेकर पुलिस अधीक्षक तक सभी पुलिसकर्मियों को सभी 23 हथियारों का ज्ञान, हैंडलिंग और फायरिंग का प्रशिक्षण दिया जाए।

कोर्स में शामिल किया जाएगा प्रशिक्षण

राजस्थान पुलिस के पास कार्बाइन, एके-47, स्टेनगन, इंसास, रिवाल्वर-पिस्टल, एमपी-5 मशीन गन, राइफल, एसएलआर, एलएमजी, एंटी राइड गन और पम्प गन आदि 23 प्रकार के हथियार हैं। फिलहाल ट्रेनिंग के दौरान कांस्टेबल, सब इंस्पेक्टर, आरपीएस और आईपीएस को पद के अनुसार निर्धारित हथियारों का प्रशिक्षण दिया जाता है। डीजी (कानून व्यवस्था) एमएल लाठर ने अब सभी प्रकार के हथियारों का प्रशिक्षण ट्रेनिंग कोर्स में शामिल करने के आदेश भी दिए हैं।

दो माह में पूरा करना होगा प्रशिक्षण

पुलिसकर्मियों को वार्षिक चांदमारी के दौरान फायरिंग कर अभ्यास कराया जाता है। अब पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन में सभी प्रकार के पुलिस के आधुनिक हथियारों के बारे में जानकारी, इस्तेमाल और फायरिंग आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसे दो माह में पूरा करना होगा। इस कोर्स में कई पुलिसकर्मी पहली बार आधुनिक हथियार चलाना सीखेंगे। वहीं, कुछ पुलिसकर्मियों का हथियार चलाने का अभ्यास पुन: हो सकेगा।

अद्र्धसैनिक बलों के साथ भी होगी ट्रेनिंग

जयपुर रेंज आईजी एस. सेंगाथिर ने बताया कि अलवर जिले में सेना और अद्र्धसैनिक बलों के कई ट्रेनिंग सेंटर हैं। अद्र्धसैनिक बलों के उच्चाधिकारियों से सम्पर्क कर पुलिसकर्मियों को इन ट्रेनिंग सेंटरों पर आधुनिक हथियारों का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।

बहरोड़ में संतरी नहीं चला पाया हथियार

बहरोड़ थाने पर पपला गुर्जर गैंग के एके-47 से हमले के दौरान संतरी और एक अन्य पुलिसकर्मी के पास एसएलआर थी। हमले के दौरान दोनों पुलिसकर्मियों ने थाने की छत पर दीवार की ओट में पॉजीशन भी ले ली थी, लेकिन वह बदमाशों पर फायर नहीं कर सके।

प्रशिक्षण के आदेश दिए हैं

राज्य में सभी पुलिसकर्मियों को आधुनिक हथियारों के बारे में गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए सभी जिला पुलिस अधीक्षक और पीटीएस कमांडेंट को आदेश दिए हैं। साथ ही आधुनिक हथियारों का प्रशिक्षण कोर्स में शामिल करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
एमएल लाठर, पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था)