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बड़ी खबर : राजस्थान के लोगों ने जहां निवेश कर रखे हैं अरबों रुपए, वहां का सरकार के पास कोई हिसाब नहीं, सामने आया बड़ा घोटाला

Lubhavan Joshi

Publish: Sep 17, 2019 15:00 PM | Updated: Sep 17, 2019 15:00 PM

Alwar

राजस्थान के लोगों ने बिना जानकारी के ऐसी जगह निवेश कर दिया, जिसकी जानकारी सरकार को भी नहीं है।

अलवर. राजस्थान के लोगों ने अरबों रुपए का निवेश कर लिया, लेकिन अब उसकी जानकारी सरकार को भी नहीं है। ऐसे में लोगों को अपने पैसे डूबने का डर सता रहा है। क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी को सरकार के अधीन मानकर आमजन अपने जीवन की गाड़ी कमाई निवेश करके पछता रहा है। खासकर मल्टी स्टेट सोसायटी की हकीकत जानने के बाद आपके पांव तले जमीन खिसक जाएगी। करोड़ों रुपया हड़पने के बाद जब अलवर रजिस्ट्रार कार्यालय की टीम मल्टी सोसायटी के कार्यालयों पर पहुंची तो इनको कुछ रिकॉर्ड नहीं दिखाया गया। मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी केन्द्र सरकार के अधीन होने के कारण इनकी ऑडिट भी नहीं होती है। जिसके कारण ये सोसायटी जनता से ठगी के नए ठिकाने बन गए हैं।

अलवर में नहीं पता कितनी क्रेडिट सोसायटी संचालित

सहकारिता विभाग के अंतर्गत संचालित अलवर में भी रजिस्ट्रार कार्यालय है। जिनकी जिम्मेदारी होती है कि इस तरह की सोसायटी की जानकारी रखें। उनके ग्राहकों का व निवेश का पता हो। कम्पनी की साख की जांच ऑडिट के जरिए होती रहे। लेकिन, हकीकत यह है कि मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी की प्रदेश सरकार के स्तर पर कोई जांच या निरीक्षण नहीं होता है।

करीब दो दर्जन सोसायटी संचालित

जिले में करीब दो दर्जन क्रेडिट को-ओपरेटिव सोसायटी व कम्पनी संचालित हैं। जिनमें हजारों लोगों का सैकड़ों करोड़ रुपया फंसा हुआ है। आधी से अधिक सोसायटी के कार्यालयों पर ताले लग चुके हैं। कुछ कम्पनी भी संचालित हैं। जिनका कोई अता-पता नहीं है कहां से पंजीकृत हैं।

ग्राहकों की संख्या व निवेश भी नहीं बताते

हालात ये हैं कि मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के संचालक ये भी नहीं बताते हैं कि उनके पास अलवर जिले से कितने ग्राहक है। कितना पैसा निवेश है?। पिछले दिनों जब क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों की शिकायतें मिली तो रजिस्ट्रार कार्यालय से जांच करने पहुंची टीम को भी कुछ पता नहीं चला। सोसायटी के कर्मचारियों ंने यही जवाब दिया कि उनके पास सोसायटी के सभी ग्राहकों का डाटा है। जिले वार या सोसायटी कार्यालय के अनुसार नहीं है। ऐसे में रजिस्ट्रार कार्यालय को भी पता नहीं चल सका कि अलवर से कितने निवेशक फंसे हुए हैं।

यह सही है कि मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी अधिक हैं। जिनकी प्रदेश स्तर पर कोई जांच तक नहीं होती है। आमजन को किसी भी सोसायटी में पैसे निवेश करने से पहले जानकारी करनी चाहिए। किसी के कहने मात्र से निवेश करने का निर्णय नहीं करें।
राकेश भारद्वाज, रजिस्ट्रार अलवर