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प्रदेश में बदल रहा अपराध का ट्रेंड, अब इस तरह फेसबुक के जरिए ठगी कर रहे अपराधी, आप इस तरह बचिए

Lubhavan Joshi

Publish: Jan 16, 2020 17:06 PM | Updated: Jan 16, 2020 17:06 PM

Alwar

प्रदेश में अपराध का ट्रेंड बदलने लगा है। अब फेसबुक के जरिए ठगी की जा रही है।

अलवर. फेसबुक अकाउंट हैक कर ठगी करने वाले अपराधी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। ठग बीमारी और आवश्यक काम बताकर पिछले दिनों अलवर शहर में कई बड़ी ठगी कर चुके हैं। हालांकि पुलिस ने ऐसे ठगों को दबोचने के लिए विशेष टीम गठित कर दी है लेकिन अभी तक एक भी ठग उसके हाथ नहीं लग सका है। टटलू और ओएलएक्स से ठगी के बाद फेसबुक अकाउंट हैक करके की जा रही ठगी ने पुलिस की नींद उड़ा दी है।

यूं कर रहे ठगी

शातिर ठग किसी भी व्यक्ति का फेसबुक अकाउंट हैक कर लेते हैं। इसके बाद उस व्यक्ति के फेसबुक मैसेंजर से उसके मित्र या रिश्तेदारों को मैसेज करते हैं। बातचीत शुरू होने पर ठग उस व्यक्ति से बीमारी या फिर किसी जरुरी काम के लिए रुपए मांगते हैं और पेटीएम या गूगल पे के जरिए रकम ट्रांसफर करने को कहते हैं। ठगी का शिकार हो रहा व्यक्ति समझता है कि उसके मित्र या रिश्तेदार को अचानक रुपयों की जरुरत है और कई लोग बिना जांच पड़ताल किए रुपए अकाउंट में ट्रांसफर कर देते हैं।

पहले फेसबुक पर दोस्ती फिर ठगी

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शातिर ठग पहले किसी भी व्यक्ति को फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते हैं। फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट (स्वीकार) होने पर शातिर ठग सम्बन्धित व्यक्ति की फ्रेंड लिस्ट में से किसी भी व्यक्ति के नाम से अपना फेसबुक अकाउंट चेंज कर लेता है और जिस व्यक्ति के नाम से फेसबुक अकाउंट चेंज किया है उसकी फोटो भी लगा लेता है। इसके बाद ठग उसके रिश्तेदार व मित्रों को फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से मैसेज भेजकर ठगी को अंजाम देता है।

केस-एक

19 दिसम्बर 2019 को शहर के कलाकंद व्यापारी अशोक तनेजा के फेसबुक अकाउंट को शातिर ठग ने हैक कर लिया था। ठग ने तनेजा के मित्रों और रिश्तेदारों के फेसबुक मैसेंजर पर मैसेज भेजकर एक-एक हजार रुपए मांगे। उनके मौसेरे भाई ने 1100 रुपए ठगों के अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए थे। तनेजा ने शहर कोतवाली थाने में इसकी शिकायत दी।

केस-दो

12 जनवरी को शहर के हसनखां मेवात नगर निवासी मनोज यादव के फेसबुक अकाउंट को किसी अज्ञात व्यक्ति ने हैक कर लिया और फेसबुक मैसेंजर से उसके फेसबुक मित्रों से अलग-अलग कारण बता रुपए मांगे। उनके मित्र चंद्रभान सिहाग से भी बीमारी का बहाना कर रुपए मांगे। सिहाग ने अपने अकाउंट से 7 हजार रुपए पेटीएम कर दिए। बाद में मनोज यादव ने इसकी रिपोर्ट शिवाजी पार्क थाने में दर्ज कराई।

यूं बचें फेसबुक ठगी से

फेसबुक पर अपनी फ्रेंड लिस्ट शो (प्रदर्शित) नहीं करें।

यदि आपके किसी मित्र या रिश्तेदार के फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से रुपए मांगने सम्बन्धी मैसेज आता है तो तुरंत अकाउंट में रुपए ट्रांसफर नहीं करें। सम्बन्धित व्यक्ति के पास फोन करके इसकी पुष्टि जरुर करें तथा सम्बन्धित व्यक्ति को फोन कर उसके फेसबुक अकाउंट हैक होने की जानकारी दें।

यदि आपका फेसबुक अकाउंट हैक हो जाता है तो तुरंत अपने फेसबुक पर फेसबुक अकाउंट हैक होने की पोस्ट डाले, जिससे कि अपने मित्र व रिश्तेदारों को ठगी से बचा सकें। साथ ही तुरंत पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं।

तकनीकी अपराध पर फोकस

तकनीकी और संगठित अपराध पर पुलिस का पूरी तरह से फोकस है। इसके लिए डीएसटी (जिला स्पेशल टीम) का गठन किया गया है। जिसमें साइबर सैल के पुलिसकर्मियों को भी शामिल गया है। ओएलएक्स व फेसबुक के जरिए हो रही ठगी को रोकथाम के विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
एस. सेंगाथिर, पुलिस महानिरीक्षक, जयपुर रेंज।

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