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किशनगढ़बास और तिजारा से बसपा के दोनों विधायकों ने हाथी छोडक़र थामा कांग्रेस का हाथ, अलवर जिले में बसपा की झोली खाली

Lubhavan Joshi

Publish: Sep 17, 2019 08:48 AM | Updated: Sep 17, 2019 08:48 AM

Alwar

Rajasthan BSP MLA Join Congress : अलवर जिले से बसपा के दोनों विधायकों ने हाथी छोडक़र कांग्रेस के हाथ का साथ दिया है।

अलवर.Rajasthan BSP MLA Join Congress : अलवर सहित प्रदेश के बसपा के सभी विधायक कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए हैं। इसमें अलवर के तिजारा से विधायक संदीप यादव और किशनगढ़बास से दीपचंद खैरिया के अलावा उदयपुरवाटी से राजेन्द्र सिंह गुढ़ा, भरतपुर जिले के नगर और नदबई सीट से वाजिब अली और जोगेन्द्र सिंह अवाना व करौली से विधायक लाखन सिंह शामिल हैं। अलवर की बात करें तो विधानसभा चुनावों में जिले की 11 में से 5 सीटों पर जीतने वाली कांग्रेस ने अब अपनी ताकत बढ़ा दी है। राज्य में बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय प्रक्रिया के साथ ही जिले में कांग्रेस विधायकों की संख्या 5 से बढकऱ 7 हो जाएगी।

अब किशनगढ़बास और तिजारा भी कांग्रेस की झोली में माने जाएंगे। किशनगढ़बास से विधायक दीपचंद खैरिया और तिजारा से विधायक संदीप यादव के इस कदम से जहां कांग्रेस कार्यकर्ता खुश होंगे वहीं अब जिले के बसपा कार्यकर्ताओं में निराशा होना भी तय है।

इससे पहले दो थानागाजी और बहरोड़ के निर्दलीय विधायक पहले ही प्रदेश सरकार को समर्थन दे चुके हैं। माना जा रहा है कि आगामी निकाय चुनावों में भी कांग्रेस इसका फायदा उठाने की कोशिश करेगी।
ंविधानसभा चुनाव में 16 प्रतिशत वोट लिए थे बसपा ने: हाल के विधानसभा चुनावों में बसपा ने अलवर जिले में दोनों प्रमुख दलों के समीकरण बिगाड़े थे। दीपचंद खैरिया कांग्रेस के टिकट पर दो बार चुनाव हार चुके थे लेकिन बसपा से टिकट मिलते ही जीत गए। चुनावों में जिले में बसपा ने 16 प्रतिशत वोट प्राप्त किए थे। मुंडावर, राजगढ़ और अलवर ग्रामीण में बसपा प्रत्याशियों ने अच्छे वोट प्राप्त किए थे। जिले में बसपा का अच्छा खासा वोट बैंक होने का फायदा इन दोनों को मिला था।

दो वरिष्ठ कांगेसी नेताओं को हराने वाले विधायक

अलवर में बसपा के दोनों विधायकों ने विधानसभा चुनाव में वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं को हराया था। विधानसभा चुनाव में किशनगढ़बास से कांग्रेस ने तत्कालीन सांसद वरिष्ठ नेता करणसिंह यादव को टिकट दिया था। जबकि तिजारा से कांग्रेस के उम्मीदवार थे पूर्व मंत्री ए.ए.खान। ऐसे में इस विलय से इन दोनों क्षेत्रों की कांग्रेसी राजनीति में भी बदलाव आएगा।