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नवआरक्षियों ने लिया युद्ध कौशल का ज्ञान

Pradeep kumar yadav

Publish: Sep 15, 2019 17:57 PM | Updated: Sep 15, 2019 17:57 PM

Alwar

मौजपुर गांव में दीक्षांत परेड समारोह का आयोजन

अलवर. लक्ष्मणगढ़ के मौजपुर गांव में सशस्त्र सीमा बल के प्रशिक्षु प्रशिक्षण केन्द्र में शनिवार को प्रथम बैच बीआरटीसी (राजस्थान पुलिस) का दीक्षांत परेड समारोह राणा संग्राम सिंह परेड मैदान में आयोजित किया गया।
प्रशिक्षु प्रशिक्षण केन्द्र अलवर के उप महानिरीक्षक अमित शर्मा ने बताया कि दीक्षान्त परेड समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान पुलिस के महानिदेशक (प्रशिक्षण) राजीव दासोत एवं विशिष्ट अतिथि अलवर पुलिस अधीक्षक परिस देखमुख थे। समारोह के प्रारम्भ में प्रशिक्षु टुकडिय़ों ने भारत माता जय के उद्घोष के साथ मैदान में प्रवेश किया। सैन्य परम्पराओं के अनुरूप प्रशिक्षु प्रशिक्षण केन्द्र के द्वितीय कमान अधिकारी को नवप्रशिक्षुओं की ओर से सेल्यूट देकर सलामी दी। बाद में मुख्यअतिथि महानिदेशक (प्रशिक्षण) नेे पास आउट हो रहे ४२६ नवआरक्षियों की ओर से दी गई परेड की सलामी ली। बल के बैण्ड दस्ते ने सैन्य अनुसाशन में राष्ट्रगान की मधुर धुन बजाते ही राष्ट्रीय ध्वज एवं एसएसबी ध्वज का गरिमामय आगमन हुआ। बाद में प्रशिक्षु प्रशिक्षण केन्द्र में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले ४२६ नवआरक्षियों को महानिदेशक (प्रशिक्षण) राजीव दासोत ने पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई।
उप महानिरीक्षक अमित शर्मा ने बताया कि ३६ सप्ताह के प्रशिक्षण के दौरान विपरीत परिस्थितियों में भी नवआरक्षियों को अलग-अलग तरह से प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें कठोर शारीरिक दक्षता, क्रास कंट्री, बीपीईटी, ओबस्टेकल-क्रांसिग, हथियारों की प्रचालन दक्षता जिसमें इंसास राईफल, इन्सास एलएमजी,कारबाईन मशीनगन, 7.62 एमएम एसएलआर, मोर्टार आदि की जानकारियां दी गई। इन जवानों को इसके अलावा भूमिकला, युद्व कौशल कला, मैप रीडिंग, ड्रिल, इन्टेलीजैन्स, सीमा प्रबन्धन, कानून, संचार, आपदा प्रबन्धन की जानकारी दी गई। नव प्रशिक्षुओं को कम्प्यूटर, जीपीएस, मेटल डिटेक्टर, एनवीडी तथा फेक करेंसी की जांच का भी गहन प्रशिक्षण देकर एक संपूर्ण सैनिक के रूप में तैयार किया गया है तथा इंसास राइफल, इंसास एलएमजी जैसे हथियारों से फायरिंग करवाई गई, ताकि इन नव आरक्षियों का हथियार संचालन में आत्मविश्वास बढ़ सके। वहीं मुख्य अतिथि राजस्थान पुलिस के महानिदेशक (प्रशिक्षण) राजीव दासोत ने सम्बोधित करते हुए कहा कि जितनी भी कठिन परिस्थिति हो उनमें अपना बेहतर से बेहतर दिखाने की आदत होनी चाहिए। उन्होंने नव आरक्षियों से कहा कि जिस लग्न, धर्य, समर्पण के साथ प्रशिक्षण लिया उसी तरह से राज्य की सुरक्षा करेंगे। इस दौरान नवआरक्षियों ने सामूहिक योग व व्यायाम, जूडो कराटे, आगे के गोले से निकलना, लम्बी कूद, लम्बी कूद के अलावा आखों पर पट्टी बांधकर हथियारों को खोलना व जोडऩे सहित कई कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।