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अलवर के मिथुल कुमार की उपलब्धी, उनके बनाए गए चंद्रयान-2 का नाम इंडिया बुक ऑफ रेकॉर्ड में दर्ज

Lubhavan Joshi

Publish: Sep 18, 2019 14:29 PM | Updated: Sep 18, 2019 14:29 PM

Alwar

अलवर के मिथुल कुमार का नाम इंडिया बुक ऑफ रेकॉर्ड में दर्ज हुआ है।

अलवर. पेंसिल की नोंक पर चंद्रयान बनाने वाले नीमराणा के तलवाना गांव निवासी मिथुल कुमार का नाम इंडिया बुक ऑफ रेकॉर्ड में दर्ज हो गया है।

मिथुल ने पेंसिल की नोंक पर चंद्रयान-2 का मिनिएचर मॉडल बनाकर 3 अगस्त को इसे इंडिया बुक ऑफ रेकॉर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर लिया। 16 अगस्त को मिथुल का चंद्रयान-2 का मिनिएचर इंडिया बुक ऑफ रेकॉर्ड में दर्ज हो गया। इस मिनिएचर की लंबाई केवल 1.6 सेंटीमीटर है। मिथुल ने बताया कि पेंसिल की नोंक पर यह मिनिएचर बनाने में उन्हें दो दिन का समय लगा, इस मिनिएचर पर बेहद छोटे अक्षरों में इसरो लिखा है। मिथुल ने चंद्रयान-2 के इस मिनिएचर को इसरो को समर्पित किया है।

कई मिनिएचर बनाए

मिथुल ने चंद्रयान-2 के मिनिएचर के अलावा पेंसिल की नोंक पर कई मिनिएचर बनाए हैं। उन्होंने पेंसिल की नोंक पर गणेश जी की प्रतिमा, पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम, स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा, कुतुबमीनार आदि बनाए हैं। मिथुल बताते हैं कि पेंसिल की नोंक पर काम करते समय बेहद सटीक नजर रखनी पड़ती है। जरा सी गलती से पूरा मॉडल खराब हो सकता है। हाथों में कंपन ना हो, इसके लिए वे योग करते हैं। उन्होंने इसका श्रेय अपने गुरु केपी यादव, माता कोयल देवी और पिता भागमल कुमार को दिया है।