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अलवर में पुलिस और वकीलों के विवाद के बाद वकीलों ने किया कार्य बहिष्कार, राजस्थान बार काउंसिल के चेयरमैन पहुंचे अलवर

Lubhavan Joshi

Publish: Nov 08, 2019 10:24 AM | Updated: Nov 08, 2019 10:24 AM

Alwar

अलवर कोर्ट में पुलिस और वकीलों के बीच हुए विवाद के बाद बार काउंसिल ऑफ राजसथान के चेयरमैन अलवर पहुंचे। वहीं वकीलों का कार्य बहिष्कार भी जारी है।

अलवर. पुलिस और वकीलों के बीच बुधवार को अलवर कोर्ट परिसर में हुए हंगामे के बाद गुरुवार को वकीलों का कार्य बहिष्कार रहा। अहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर में पुलिस बल तैनात रहा। वहीं, मामले को लेकर बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के चेयरमैन चिरंजीलाल सैनी भी अलवर आए। उन्होंने मामले को वकीलों और जिला एवं सैशन न्यायाधीश मनोज कुमार व्यास से बातचीत की।

दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में पुलिस और वकीलों के बीच चल रहे विवाद की लपटें बुधवार को अलवर में भी पहुंच गई। कोर्ट परिसर में पुलिस और वकील आमने सामने हो गए। मामले को एक महिला पुलिसकर्मी सहित चार पुलिसकर्मियों ने कुछ वकीलों के खिलाफ मारपीट, राजकार्य में बाधा, छेड़छाड़ और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में मामले दर्ज कराए। इसके विरोध में गुरुवार को वकीलों ने कार्य बहिष्कार रखा और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। दोपहर करीब डेढ़ बजे बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के चेयरमैन चिरंजीलाल सैनी अलवर पहुंचे। सैनी ने वकीलों के बीच बैठकर शांति बनाए रखने की अपील की तथा आंदोलन में वकीलों का साथ देने की बात कही। साथ ही उन्होंने कहा कि वकीलों के खिलाफ झूठे मुकदमें दर्ज किए हैं। प्रशासन से बात कर उनका निस्तारण कराया जाएगा। इसके बाद वे जिला एवं सैशन न्यायाधीश मनोज कुमार व्यास से मिले और घटना को लेकर चर्चा की।
पुलिस का रवैया बर्बरता पूर्ण

वहीं, अलवर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष उदयसिंह ने कहा कि पुलिस का बर्बरता पूर्ण रवैया गलत है। पुलिस ने उनके और साथी वकीलों के खिलाफ झूठे मुकदमें दर्ज किए हैं। जिनकी निष्पक्ष जांच हो। घटना को लेकर वकीलों का कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।

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