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आधे जिले में कानफोडू शोर, शेष को है चुनावी रौनक का इंतजार

Subhash Raj

Publish: Jan 16, 2020 00:17 AM | Updated: Jan 16, 2020 00:17 AM

Alwar

अलवर. प्रक्रियागत दिक्कतों के चलते अदालती आदेशों ने अलवर जिले में पंचायत राज संस्थाओं के चुनावों की रंगत फीकी कर दी है। इसी के चलते जिले की आधी संस्थाओं में चुनावी शोर चरम पर है तो शेष आधे जिले में सन्नाटा पसरा हुआ है।

पहले चरण में 17 जनवरी को तिजारा, रैणी व कठूमर, दूसरे चरण में 22 जनवरी को रामगढ़ व मालाखेड़ा, तीसरे चरण में 29 जनवरी को किशगढ़बास, बहरोड़ व गोविन्दगढ़ में ग्राम पंचायत चुनाव होंगे। इन आठ ग्राम पंचायतों के अलावा शेष नीमराणा, बानसूर, मुण्डावर, कोटकासिम, राजगढ़ व थानागाजी, लक्ष्मगणढ़, उमरैण पंचायत समिति क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों में चुनाव बाद में होंगे। जिनकी तारीख घोषित नहीं की गई है। जिसके कारण इन क्षेत्रों में भी पंचायत चुनाव की रौनक बेपटरी हो गई है।
पूरे जिले में 16 पंचायत समिति हैं। चुनाव आयोग ने शुरूआत में सभी पंचायत समिति क्षेत्रों में चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया। लेकिन, बाद में न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद आयोग को संशोधित कार्यक्रम जारी करना पड़ा। जिसके आधार पर अलवर जिले में आठ पंचायत समिति क्षेत्रों में चुनाव रोक दिए गए। पहले ज्यादातर ग्राम पंचायतों में चुनाव प्रचार शुरू हो गया था लेकिन, दूसरे संशोधित चुनाव कार्यक्रम में आठ पंचायत समिति क्षेत्र चुनाव बाहर होने से वहां प्रचार भी थम गया और अब चुनाव को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है।
आयोग ने शुरुआत में नीमराणा में 29, तिजारा में 47, रैणी में 26, कठूमर में 47, बानसूर में 42, मुण्डावर में 46, कोटकासिम में 26, राजगढ़ में 30, रामगढ़ में 43, थानागाजी में 38, मालाखेड़ा में 33, लक्ष्मणगढ़ में 22, उमरैण में 28, किशनगढ़बास में 37, बहरोड़ में 32 व गोविन्दगढ़ में 25 ग्राम पंचायतों में चुनाव होंगे।
थम गया शोर
अलवर. पंचायत चुनाव के प्रथम चरण में जिले की कठूमर, रैणी व तिजारा पंचायत समितियों की 120 ग्राम पंचायतों में होने वाले सरपंच व पंच पद के चुनाव के लिए प्रचार का शोर बुधवार शाम 5 बजे थम गया। इन ग्राम पंचायतों में सरपंच व पंच पद के लिए मतदान शुक्रवार को होगा।
जिले में पहले चरण में पंचायत समिति कठूमर की 47, रैणी की 26 व तिजारा की 47 पंचायत समितियों में सरपंच व पंच के चुनाव होने हैं। तीनों पंचायत समितियों की सभी 120 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए मतदान होना है। तीन पंचायत समितियों के 696 वार्डों में पंच पद के लिए भी वोट डाले जाएंगे। जबकि 677 वार्डों में निर्विरोध पंच चुने जा चुके हैं। 11 वार्डों में कोई भी उम्मीदवार नहीं होने के कारण मतदान नहीं होगा।
सरपंच पद का चुनाव महत्वपूर्ण होने के कारण गांवों में एक पखवाड़े से ज्यादा समय से चुनावी शोर जोरों पर था। प्रथम चरण में सरपंच व पंच पद की नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्याशियों के प्रचार में तेजी आई। ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से लेकर देर रात तक प्रत्याशियों के साथ समूह में समर्थकों के दौरे, प्रत्याशी के समर्थन में नारेबाजी का दौर जारी रहा। प्रथम चरण का चुनाव प्रचार थमने के बाद गांवों में अब प्रचार के शोर में कमी आई है। हालांकि प्रत्याशी व्यक्तिगत तौर पर डोर-टू- डोर सम्पर्क कर सकेंगे।

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