स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

सरकारी स्कूलों में तैयारियां धरी रह गई, दूध के भुगतान का संकट

Dharmendra Adlakha

Publish: Aug 23, 2019 21:55 PM | Updated: Aug 23, 2019 21:55 PM

Alwar

जन्माष्टमी पर्व का अवकाश शनिवार के स्थान पर शुक्रवार को करने से सरकारी स्कूलों में बच्चों को निराशा हुई। इस दिन इन स्कूलों में जन्माष्टमी पर्व मनाया जाने था जिसकी पूरी तैयारियां हो गई थी। इस आनन-फानन में बहुत से प्राइवेट स्कूलों तो खुले ही रहे। इन स्कूलों में जन्माष्टमी पर्व मनाया गया। कई प्राइवेट स्कूलों ने शनिवार को भी अवकाश की घोषणा कर दी।

जन्माष्टमी पर्व का अवकाश शनिवार के स्थान पर शुक्रवार को करने से सरकारी स्कूलों में बच्चों को निराशा हुई। इस दिन इन स्कूलों में जन्माष्टमी पर्व मनाया जाने था जिसकी पूरी तैयारियां हो गई थी। इस आनन-फानन में बहुत से प्राइवेट स्कूलों तो खुले ही रहे। इन स्कूलों में जन्माष्टमी पर्व मनाया गया। कई प्राइवेट स्कूलों ने शनिवार को भी अवकाश की घोषणा कर दी। गैर सरकारी स्कूलों में जन्माष्टमी पर्व मनाया गया।अलवर जिले के अधिकतर सरकारी स्कूलों में कृष्णा जन्माष्टमी पर स्कूल स्तर के कार्यक्रम होने थे जो अवकाश होने के कारण अचानक निरस्त करने पड़े। कई स्कूलों में तो बच्चे सुबह ही तैयार हो कर पहुंच गए लेकिन उन्हें निराश लौटना पड़ा।

दूध वाले का भुगतान कैस होगा-

अधिकतर सरकारी स्कूलों में दूध सप्लाई करने वाले दुधिएं सुबह जल्दी ही दूध लेकर पहुंच गए। यहां उन्होंने स्कूलों में ताला लगा हुआ देखा। अब इन स्कूलों में दूध के पैसे के भुगतान का लेकर विवाद होगा। कई स्कूलों में तो मिड डे मील का भोजन भी पहुंच गया था।शिक्षक संगठनों ने जताया विरोध-शिक्षक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मनोज यादव ने इस मामले में शिक्षा मंत्री डोटासरा से टेलीफोन पर बात कर अचानक हुए इस अवकाश पर अपना विरोध जताया। यादव के अनुसार अवकाश का कैलेंडर तो पहले ही तैयार हो जाता है जिसमें अचानक परिवर्तन करने की आवश्यकता नहीं थी। प्रदेश में जन्माष्टमी शनिवार को ही मनाई जा रही है।

राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के विभाग संगठन मंत्री चंचल कुमार शर्मा व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजेन्द्र तिवारी ने कृष्ण जन्माष्टमी अवकाश के आदेश में फेरबदल करने का विरोध किया है। इन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि कर्मचारी के एक वर्ग विशेष को खुश करने के लिए यह तुष्टिकरण युक्त आदेश निकाले हैं, जिसकी संगठन निन्दा करता है। राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के महामंत्री अरविन्द व्यास ने इस आदेश पर रोष जताया है।